लखनऊ में राजधानी के समतामूलक चौराहा से डालीगंज तक बने ग्रीन कॉरिडोर की सड़क महज दो दिन पहले 13 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया था। लेकिन रविवार को हनुमान सेतु-निशातगंज मार्ग पर सड़क के बायीं तरफ अचानक धंसाव हुआ। यह धंसाव करीब पाँच फीट गहरा बताया जा रहा है। मौके पर उपस्थित लोगों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सीवर लीकेज के कारण सड़क धंसी, जांच जारी
स्थानीय अधिकारियों और ठेकेदारों ने प्रारंभिक जानकारी में कहा कि सड़क धंसने का कारण सीवर पाइपलाइन में लीकेज है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अफसर मौके पर पहुंचे और मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू कराया। ठेकेदार ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में पहले यह संभावित दोष क्यों नहीं पकड़ा गया, इसका उत्तर अभी स्पष्ट नहीं है। LDA के अधिकारियों ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं और सड़क की मरम्मत की प्रक्रिया जारी है।
गोमती किनारे 28 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
यह ग्रीन कॉरिडोर गोमती नदी के किनारे सिग्नल-फ्री यातायात सुनिश्चित करने के लिए बनाया जा रहा है। योजना के मुताबिक, इसका कुल लंबाई 28 किलोमीटर है और इसे चार अलग-अलग चरणों में बनाया जाएगा। इससे आईआईएम रोड से किसान पथ तक यातायात सुचारु रहेगा और शहर में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। वर्तमान में जो धंसाव हुआ, वह दूसरे चरण का हिस्सा है, जो समतामूलक से डालीगंज तक सात किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 1519 करोड़ रुपये है। इस रोड के बन जाने से हजरतगंज, निशातगंज जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार में सुधार होगा।
#WATCH | पटना: RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने राज्यसभा चुनाव पर कहा, “हमारे पक्ष में 41 की संख्या थी और सत्ता पक्ष में 3 की संख्या कम थी, तो सत्ता और धन दोनों का इस्तेमाल स्वाभाविक है। सिर्फ बिहार नहीं आप ओडिशा में देखिए, वहां भी BJD के विधायकों को अपने(भाजपा) पक्ष में कर लिया… pic.twitter.com/kLel0LQZvT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 16, 2026
निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों और नागरिकों ने सड़क धंसने की घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। कई लोग इस घटना को भ्रष्टाचार और लापरवाही का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट में इस तरह की गड़बड़ी पहले से ही पकड़ में आ जानी चाहिए थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत और जांच जारी है, लेकिन राजधानी के नागरिक इस घटना को गंभीरता से देख रहे हैं और भविष्य में इसी तरह की समस्याओं को रोकने की मांग कर रहे हैं।
