ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें राहत दी है। हाल ही में श्रमिक आंदोलन और बढ़ते दबाव के बाद यह फैसला लिया गया, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई गई है। प्राधिकरण के इस निर्णय से हजारों अस्थायी कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। बताया जा रहा है कि यह नया वेतन ढांचा 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसको कितना मिलेगा वेतन
नई व्यवस्था के तहत अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में न्यूनतम वेतन 21,634 रुपये प्रति माह तय किया गया है। वहीं अकुशल श्रेणी के कर्मचारियों को भी यही न्यूनतम राशि दी जाएगी। इसके अलावा सुपरवाइजर, डीजी सेट ऑपरेटर और वाहन चालकों को 26,964 रुपये वेतन मिलेगा। सहायक लेखाकार के लिए यह राशि बढ़ाकर 28,508 रुपये कर दी गई है। सेनेट्री इंस्पेक्टर और सहायक प्रबंधक को अब 35,693 रुपये मिलेंगे, जबकि मैनेजमेंट ट्रेनी और उच्च स्तर के कर्मचारियों का वेतन 37,344 रुपये से लेकर 48,436 रुपये तक तय किया गया है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग कैटेगरी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग-अलग स्तर पर लागू होगी।
किन कर्मचारियों को अभी राहत का इंतजार
हालांकि सभी श्रेणियों को तुरंत लाभ नहीं मिला है। अकुशल वर्ग जैसे सफाई कर्मचारी, माली, हेल्पर, पत्र वाहक और सहायक पंप ऑपरेटर के लिए वेतन वृद्धि को लेकर अंतिम फैसला अभी लंबित है। प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि इस वर्ग के लिए भी जल्द ही नई सैलरी तय की जाएगी। वहीं, यह आदेश आउटसोर्सिंग एजेंसियों के साथ-साथ प्लेसमेंट और कंटिंजेंसी के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा। इससे साफ है कि आने वाले समय में और भी कर्मचारियों को इसका फायदा मिल सकता है।
आंदोलन के बाद आया बड़ा बदलाव
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में श्रमिकों ने वेतन बढ़ोतरी को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और तनाव की स्थिति भी देखने को मिली थी। इसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए न्यूनतम वेतन तय किया था। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का यह कदम उसी दिशा में आगे बढ़ाया गया एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लंबे समय से चली आ रही मांगों की आंशिक जीत बताया है।
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