उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या धाम को लेकर प्रशासन ने एक अहम और सख्त निर्णय लिया है। अयोध्या धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से अब पूरे क्षेत्र में नॉनवेज भोजन की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 8 जनवरी से प्रभावी हो चुका है। प्रशासन का मानना है कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां खान-पान से लेकर जीवनशैली तक में मर्यादा का पालन आवश्यक है। इसी कारण यह फैसला लिया गया है ताकि शहर की धार्मिक पहचान और वातावरण पूरी तरह सात्विक बना रहे।
होटल, ढाबे, होम-स्टे और ऑनलाइन डिलीवरी सब पर लागू नियम
यह प्रतिबंध केवल होटल और ढाबों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि गेस्ट हाउस, होम-स्टे, परिक्रमा मार्ग और अन्य सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी लागू किया गया है। इसके साथ ही ऑनलाइन खाना मंगाने की सुविधा देने वाली कंपनियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अयोध्या क्षेत्र में नॉनवेज से जुड़े किसी भी ऑर्डर को स्वीकार नहीं करेंगी। यानी अब मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए भी अयोध्या में नॉनवेज खाना उपलब्ध नहीं होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और आगे कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद हुआ निर्णय
पिछले कुछ समय से प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ गेस्ट हाउस और ठहरने की जगहों पर नॉनवेज भोजन परोसा जा रहा है। कई श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी। इसके अलावा यह भी सामने आया कि ऑनलाइन माध्यम से नॉनवेज खाना मंगाया जा रहा था, जो धार्मिक नगरी की भावना के विपरीत माना गया। इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा की और इसके बाद नॉनवेज पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया। प्रशासन का कहना है कि अयोध्या की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
सख्त निगरानी, चेतावनी और कार्रवाई की व्यवस्था
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आदेश के पालन के लिए नियमित निगरानी की जाएगी। खाद्य विभाग की टीमें समय-समय पर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निरस्त करना, जुर्माना और अन्य कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला किसी वर्ग या व्यवसाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि अयोध्या धाम की धार्मिक मर्यादा, सांस्कृतिक पहचान और श्रद्धालुओं की भावनाओं की रक्षा के लिए लिया गया है। आने वाले दिनों में नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
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