देश की बेटी सिंधु पर करोड़ों लोगों की उम्मीदें, विदेश में रचने जा रही हैं इतिहास

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पीवी सिंधु एक ऐसी स्टार खिलाड़ी है, जो देश की हर बेटी के एक मिसाल है। पीवी सिंधु सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी जीत का परचम लहराती हैं। सिंधु अपने परिवार के साथ देश का भी नाम रोशन करती है। हाल ही में स्विट्जरलैंड के बासेल में खेले जा रहे वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पीवी सिंधु फाइनल में पहुंची हैं। इन्होंने चीन की चेन यू फेई को सेमीफाइनल में 21-7, 21-14 से हराया। सिंधु ने फाइनल में पहुंचने का मुकाबला मात्र 40मिनट में अपने नाम पर दर्ज किया है। सिंधु इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंची हैं। इससे पहले साल 2018 में सिंधु को स्पेन की कैरोलिना मरीन और 2017 में जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।

सिंधु पर टिकी करोड़ों खेलप्रेमियों की उम्मीदें
स्विट्जरलैंड में रविववार को फाइनल मुकाबला होना है। ये मुकाबला सिंधु का जापान की नोजोमी ओकुहारा के साथ होगा। सिंधु इस समय वर्ल्ड रैंकिंग में 5वें और यू फेई तीसरे स्थान पर हैं। दोनों के बीच अब तक 9 मैच खेले गए हैं। खेले गए मैचों में सिंधु ने 6 मैचों में अपनी जीत का परचम लहराया है। जबकि, यू फेई को सिर्फ तीन मैचों में हासिल हुई है।

फाइनल में सिंधु पर टिकी भारत की निगाहें
जूनियर अब जब देश की बेटी विदेश में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हो तो ऐसे में पूरा देश उसकी जीत की दुआएं करता है। हर किसी की निगाहें सिर्फ अपने देश की बेटी पर टिकी होती हैं। और सिर्फ देश के लोग ही नहीं बल्कि सिंधु के कोच रहे संजीब सचदेवा ने सिंधु की तारीफ करते हुए कहा कि, सिंधु सेमीफाइनल से ही अटैकिंग थीं। जो उसकी ताकत है। वो बोले कि, सिंधु ने यूफेई के खिलाफ भी इसी तरह खेला था। हालांकि, सिंधु अपनी 5 फीट 11 इंच हाइट का फायदा उठाना कभी नहीं भूलती। इसका फायदा उठाते हुए उन्होंने क्रॉस कोर्ट स्मैश पर ज्यादा पॉइंट लिए। उन्होंने क्रॉस कोर्ट नेट पर भी बखूबी खेला और पॉइंट बनाए। सिंधु ने अटैकिंग खेल के साथ ही रैली में भी पॉइंट बनाए। उनका डिफेंस काफी बेहतर रहा। ओवरऑल मैच की बात करें तो सिंधु पूरे समय काफी फिट थीं। उनके चेहरे पर थकान की एक शिकन भी नजर नहीं आईँ। सिंधु के कोच ने कहा कि, मैच के आखिर तक एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि, वो थकी हैं। जबकि, चीनी खिलाड़ी काफी कमजोर नजर आईँ। सिंधु ने यूफेई को छठी बार और चैंपियनशिप में दूसरी बार हराया है। सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप में कभी किसी चीनी खिलाड़ी से नहीं हारीं। उन्होंने 6 टूर्नामेंट में 9 बार चीनी खिलाड़ियों को हराया। उनका फाइनल 2017 की चैंपियन तीसरी सीड ओकुहारा से है। उन्होंने आगे कहा कि, ओकुहारा का फुटवर्क अच्छा है तो सिंधु का स्टेमिना काफी बेहतर है। वो लंबी रैली करने के बाद भी थकती नहीं है। वे कोर्ट के हर कोने पर शॉट खेलती हैं। इसलिए जिस भी खिलाड़ी का स्टैमिना अच्छा होगा, वो ये टूर्नामेंट जीतेगी।’ ये भी पढ़ेंः- देश की बेटी को सलाम;अमेरिका से लौटकर बनी सरपंच..गांव को संवार दिया

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