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काबुल। अफगानिस्तान पर कब्जे के साथ तालिबान की क्रूरता बढ़ती ही जा रही है। तालिबान ने माफी का ऐलान किया है और कहा है कि किसी से बदला नहीं लिया जाएगा लेकिन उसके लड़ाके अफगान सरकार के लिए काम करने वाले अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। तालिबान ने बुधवार को अफगानिस्तान के हेरात के पास बादगीस प्रांत के पुलिस प्रमुख हाजी मुल्ला अचकजई की हत्या कर दी है। गुरुवार को ट्विटर पर वायरल वीडियो में अचकजई को आंखों पर पट्टी बांधकर, घुटनों के बल झुके देखा जा सकता है। पुलिस प्रमुख को तालिबानियों लोगों ने घेर रखा है जिन्होंने उन्हें कई गोली मारी थी। आतंकी गुट ने तालिबान से संबंधित नेटवर्क के माध्यम से वीडियो षेयर किया है। तालिबान आतंकी वीडियो शेयर कर खौफ पैदा करना चाहते हैं। अफगान सुरक्षा सलाहकार नासिर वजीरी जो व्यक्तिगत रूप से अचकजई को जानते थे। उन्होंने गुरुवार को न्यूजवीक को इसकी जानकारी दी।

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वजीरी के अनुसार वीडियो को अन्य पुलिस और सरकारी अधिकारियों ने वैरिफाई किया है। तालिबान लंबे समय से अचकजई की तलाश में थे, जिन्होंने अफगान नागरिक सरकार के साथ आतंकी गुट से लोहा लिया। न्यूजवीक के मुताबिक वजीरी ने बताया कि वह तालिबान से घिरे हुए थे और उनके पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। उनकी जिन्दगी संकट में थी। तालिबान ने अचकजई को निशाना बनाया क्योंकि वह एक उच्च पदस्थ खुफिया अधिकारी थे।  अचकजई कई सरकारी अधिकारियों में से एक थे जो अफगानिस्तान पर काबिज हो चुके तालिबान के निशाने पर थे। वजीरी ने बताया कि उन्होंने और अन्य वरिष्ठ सलाहकारों ने हाल ही में एक ऑनलाइन निजी ग्रुप चैट बनाया है। इसमें 100 अफगान अधिकारी शामिल हैं जो सरकार के साथ काम करते थे। राज्यपाल, स्थानीय प्रशासन से जुड़े कर्मी, उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी और वरिष्ठ सलाहकार, और अन्य लोग इस ग्रुप चैट के हिस्सा हैं।

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वजीरी ने बताया कि इस ग्रुप चैट का मकसद प्रत्येक व्यक्ति के ठिकाने की जांच करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे सुरक्षित हैं। तालिबान की पहुंच से बाहर हैं। वजीरी के अनुसार सुरक्षित रहने के लिए वे वीपीएन के माध्यम से ग्रुप तक पहुंचते हैं और बाद में अपने मैसेजेस को डिलीट कर देते हैं। तालिबान आगे कहां और किस पर हमला करेगा, इसके बारे में भी उनके पास अंदरूनी जानकारी है। वजीरी ने बताया कि तालिबान सरकारी अधिकारियों को ट्रैक करने के लिए अफगान खुफिया डेटाबेस को हैक करके तमाम सूचनाओं, तस्वीरें, बायोमेट्रिक्स और राष्ट्रीय पहचान दस्तावेजों तक पहुंचे। सोमवार से तालिबान लड़ाकों ने अफगान सरकार के लिए काम करने वाले लोगों की तलाश के लिए घर घर जाकर पूछताछ शुरू की। तालिबान इस दौरान पूर्व अफगानिस्तान सरकार के अधिकारियों पर लगातार निशाना बना रहा है।

वजीरी ने बताया कि घर-घर जाकर जांच की जा रही है। तालिबान परिवारों के जरिये लोगों को निशाना बना रहा है। तालिबान सरकार के लिए काम करने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने को लेकर परिवार के लोगों को धमकाते हैं। वजीरी के दोस्तों में से एक एक जिला गवर्नर काबुल में छिपे हुए हैं। तालिबान के लड़ाके अफगान प्रांत नूरस्टिन में उनके घर पहुंच गए और परिवार के लोगों को मारा-पीटा। जिला गवर्नर के परिजनों को घर से बाहर निकाला और उन्हें मारा ताकि वे जानकारी दे सकें कि वह किस शहर में हैं। कई अफगान तालिबान के डर से देश से निकाले जाने की मांग कर रहे हैं।

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