उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला में सोमवार को एक मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद इतना खूनी हो गया कि देखते ही देखते तीन निर्दोष लोगों की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। जिस घर में अगले महीने शहनाइयां बजनी थीं, जहां खुशियों का माहौल था और हर तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और भारी मातम पसरा हुआ है। इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इंसान जरा-जरा सी बात पर इतना क्रूर कैसे हो सकता है कि वह हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां पलभर में छीन ले।
पार्किंग और चबूतरे को लेकर सुलगा था विवाद
यह खौफनाक वारदात सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला की है, जहां स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले काफी समय से जमीन के एक छोटे से टुकड़े को लेकर तनाव चल रहा था। इलाके में बरगद के पेड़ के पास खाली पड़ी जमीन पर गाड़ियां खड़ी करने और मंदिर का चबूतरा बनवाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार तनातनी बनी हुई थी। सोमवार को जब शिवाजी तिवारी पक्ष के लोग उसी जगह पर चबूतरा बनवाने की कोशिश कर रहे थे, तो बात अचानक तूल पकड़ गई। देखते ही देखते मामूली कहासुनी और बहस ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई।
मर्चेंट नेवी के पूर्व अफसर ने बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
इस खूनी संघर्ष के दौरान पड़ोस में ही रहने वाला मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला मौके पर आ धमका, जो कि मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर के रूप में काम कर चुका है। आरोप है कि वह घर से अवैध पिस्टल लेकर आया और उसने बिना सोचे-समझे ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस अंधाधुंध गोलीबारी में रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी शिवाजी तिवारी और उनके कारोबारी बेटे सुयश तिवारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, शिवाजी के भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, खासकर इसलिए क्योंकि मृतक सुयश की अगले महीने ही शादी तय थी।
पुलिस कमिश्नर का दौरा और आरोपी की गिरफ्तारी
इस भयानक हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा समेत तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीसीपी वेस्ट जितेंद्र के अनुसार, दोनों पक्षों के पुराने विवाद के चलते यह घटना हुई है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को हिरासत में ले लिया है। इलाके में किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, और पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
