बॉलीवुड की डांसिंग क्वीन माधुरी दीक्षित ने हाल ही में अपने करियर के उस अनुभव पर खुलकर बात की है, जिसे वह आज भी याद कर चौंक जाती हैं। यह मामला उनकी शुरुआती फिल्मों में से एक दयावान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना के साथ काम किया था। फिल्म के एक इंटीमेट सीन के दौरान माधुरी बेहद असहज हो गई थीं। उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं और उन्हें अंदाजा नहीं था कि शूटिंग के दौरान ऐसा दृश्य सामने आएगा। बाद में दिए गए इंटरव्यू में माधुरी ने स्वीकार किया कि उस पल ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया था। आज भी जब वह उस सीन को याद करती हैं, तो उन्हें हैरानी होती है कि उस दौर में कलाकारों को कितनी कम जानकारी और विकल्प दिए जाते थे।
रेडियो इंटरव्यू में खुलासा, “मैं बहुत शर्मिंदा महसूस कर रही थी”
हाल ही में रेडियो नशा को दिए एक इंटरव्यू में माधुरी दीक्षित ने उस अनुभव पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें लगता था कि शायद यह इंडस्ट्री में आगे बढ़ने और सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। माधुरी के शब्दों में, यह एक तरह का “लर्निंग प्रोसेस” था, जिससे उन्होंने बहुत कुछ सीखा, लेकिन भावनात्मक रूप से वह इसके लिए तैयार नहीं थीं। उन्होंने साफ कहा कि सीन के बाद वह बेहद शर्मिंदा थीं और खुद से सवाल कर रही थीं कि क्या यह वाकई जरूरी था। उसी पल उन्होंने मन ही मन तय कर लिया कि भविष्य में वह ऐसे किसी काम का हिस्सा नहीं बनेंगी, जो उन्हें अंदर से असहज करे। यह बयान आज के दौर में कलाकारों की सहमति और सीमाओं को लेकर एक अहम चर्चा को भी जन्म देता है।
फिल्म साइन करते वक्त नहीं थी पूरी जानकारी
माधुरी दीक्षित इससे पहले भी यह बता चुकी हैं कि जब उन्होंने दयावान फिल्म साइन की थी, तब उन्हें इस तरह के इंटीमेट सीन के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। वह उस समय अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं और इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली से पूरी तरह वाकिफ नहीं थीं। बाद में जब शूटिंग के दौरान सीन सामने आया, तो वह अचानक आई स्थिति के कारण असहज हो गईं। आज के नजरिए से देखें तो माधुरी मानती हैं कि उस दौर में कलाकारों, खासकर नई अभिनेत्रियों, के पास अपनी शर्तें रखने की आज़ादी कम थी। वह कहती हैं कि आज अगर कोई युवा कलाकार उनसे सलाह मांगे, तो वह सबसे पहले यही कहेंगी कि स्क्रिप्ट और सीन को लेकर पूरी जानकारी और सहमति बेहद जरूरी है। यह अनुभव उनके लिए कड़वा जरूर था, लेकिन इसी ने उन्हें आगे अपने करियर में मजबूत फैसले लेने की हिम्मत दी।
बॉलीवुड में बदलता दौर, अनुभव से मिली सीख
माधुरी दीक्षित का यह बयान सिर्फ एक पुरानी घटना का जिक्र नहीं है, बल्कि यह बॉलीवुड के बदलते दौर की कहानी भी बताता है। आज इंडस्ट्री में इंटीमेट सीन को लेकर कॉन्ट्रैक्ट, स्पष्ट चर्चा और कलाकार की सहमति को ज्यादा अहमियत दी जाती है। माधुरी मानती हैं कि उनका वह अनुभव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाकर गया। उन्होंने इससे सीखा कि हर मौके पर चुप रहना सही नहीं होता और अपनी सीमाएं तय करना जरूरी है। यही वजह है कि बाद के वर्षों में माधुरी ने अपने करियर को अपनी शर्तों पर आगे बढ़ाया और एक सम्मानित मुकाम हासिल किया। उनके इस खुलासे के बाद फैंस और फिल्म इंडस्ट्री में यह चर्चा फिर से तेज हो गई है कि कलाकारों की भावनात्मक सुरक्षा उतनी ही जरूरी है, जितनी उनकी प्रोफेशनल सफलता।
