बिहार के रोहतास जिले में शनिवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने कुछ देर के लिए पूरे सदर अस्पताल को दहशत में डाल दिया। इलाज कराने पहुंचे एक युवक के साथ जब तीन जहरीले कोबरा सांप सामने आए, तो मरीजों से लेकर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तक घबरा गए। यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली थी, बल्कि जान और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल भी खड़ा कर गई।
सदर अस्पताल में अचानक मचा हड़कंप
शनिवार को रोहतास जिले के सासाराम सदर अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर में रोज़ की तरह मरीजों की आवाजाही चल रही थी। डॉक्टर अपने-अपने कक्षों में मरीजों को देख रहे थे और परिजन इलाज के इंतजार में बैठे थे। इसी बीच राजपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला एक युवक गौतम कुमार इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा। शुरू में किसी को कुछ असामान्य नहीं लगा, लेकिन कुछ ही पलों बाद ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पूरे परिसर में अफरातफरी मचा दी।
गौतम कुमार अपने साथ एक बोरा लेकर आया था। जैसे ही वह ट्रॉमा सेंटर के पास पहुंचा, उसने बोरे का मुंह खोला और उसमें से एक-एक कर तीन विशालकाय कोबरा सांप बाहर आ गए। जहरीले सांपों को देखते ही वहां मौजूद लोग चीखने लगे। कुछ मरीज अपने बेड से उठकर भागने लगे तो कुछ परिजन बच्चों को लेकर दूर हट गए। स्वास्थ्यकर्मियों ने भी तुरंत खुद को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने की कोशिश की। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में डर और भगदड़ का माहौल बन गया।
सांप के डंसने से घायल हुआ स्नेक कैचर
दरअसल, गौतम कुमार पेशे से स्नेक कैचर है और वर्षों से सांप पकड़ने का काम कर रहा है। गांव और आसपास के इलाकों में जब भी कहीं सांप निकलता है, तो लोग उसी को बुलाते हैं। शनिवार को भी उसने तीन बड़े कोबरा सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर बोरे में रखा था। इसी दौरान एक सांप अचानक उग्र हो गया और उसने गौतम को डंस लिया।
सांप के डंसते ही गौतम को अपनी हालत बिगड़ती महसूस हुई। उसे पता था कि जरा-सी देरी जानलेवा हो सकती है। ऐसे में उसने बिना समय गंवाए सीधे सासाराम सदर अस्पताल का रुख किया। हालांकि, वह अपने साथ पकड़े गए सांपों को छोड़ना नहीं चाहता था, क्योंकि उसे डर था कि अगर सांप खुले में छूट गए तो किसी और को नुकसान हो सकता है। इसी वजह से वह तीनों सांपों को साथ लेकर ही अस्पताल पहुंच गया। यही फैसला अस्पताल में मौजूद लोगों के लिए डर का कारण बन गया।
डॉक्टरों ने समय पर बचाई जान
अस्पताल प्रशासन को जब मामले की गंभीरता समझ में आई, तो तुरंत सुरक्षा के इंतजाम किए गए। सांपों को एक जगह सीमित रखने की कोशिश की गई और मरीजों को उस हिस्से से दूर किया गया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने गौतम कुमार का इलाज शुरू किया।
चिकित्सकों के अनुसार, गौतम को कोबरा सांप ने डंसा था, जो बेहद जहरीला होता है। अगर समय पर एंटी-स्नेक वेनम नहीं दिया जाता, तो जान का खतरा काफी बढ़ जाता। डॉक्टरों ने तुरंत आवश्यक दवाएं दीं और लगातार उसकी निगरानी शुरू कर दी। कुछ घंटों के इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार देखा गया। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। समय पर अस्पताल पहुंचना उसकी जान बचाने में सबसे अहम साबित हुआ।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा, सांपों को छोड़ा जंगल में
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के कर्मियों ने पूरे सावधानी के साथ तीनों कोबरा सांपों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित वाहन से जंगल ले जाया गया, जहां प्राकृतिक वातावरण में उन्हें छोड़ दिया गया। वन विभाग ने इस घटना के बाद आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं सांप दिखाई दें, तो खुद जोखिम न उठाएं। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक कैचर को सूचना दें। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेकर भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
इस अनोखी घटना ने भले ही कुछ देर के लिए पूरे अस्पताल को डर के साए में डाल दिया, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी अन्य को कोई नुकसान नहीं हुआ और घायल युवक की जान भी बचा ली गई। सासाराम सदर अस्पताल में घटी यह घटना लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहेगी।
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