उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बार फिर ऐसा बयान सामने आया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। डुमरियागंज क्षेत्र के पूर्व बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने होली मिलन समारोह के दौरान मुस्लिम समुदाय को लेकर बेहद विवादित टिप्पणी कर दी। यह कार्यक्रम डुमरियागंज के शाहपुर स्थित “हिंदू भवन” में आयोजित किया गया था, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मंच से बोलते हुए उन्होंने मुसलमानों की तुलना ‘राक्षसों’ से करते हुए कहा कि आज के समय में राक्षस केवल पौराणिक कथाओं में नहीं, बल्कि दुनिया भर में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें यह बात कहने में कोई संकोच नहीं है। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने उनके इस भाषण का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
‘राक्षसों का वध’ वाला बयान बना विवाद की वजह
अपने भाषण के दौरान राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अगर सनातन धर्म को सुरक्षित रखना है तो लोगों को ‘राक्षसों के वध’ का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने पौराणिक कथा का उदाहरण देते हुए भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप की कहानी का जिक्र किया। उनके मुताबिक जिस तरह भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध करके भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी, उसी तरह आज भी बुराई के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि समाज में ऐसे तत्व बार-बार सामने आते रहते हैं और उन्हें खत्म करना ही धर्म की रक्षा का रास्ता है। उनके इस बयान को कई लोगों ने भड़काऊ बताया है और सोशल मीडिया पर इसकी कड़ी आलोचना भी हो रही है। वहीं, कुछ समर्थक इसे उनके निजी विचार बता रहे हैं। फिलहाल यह बयान क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है।
पहले भी दे चुके हैं कई विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब राघवेंद्र प्रताप सिंह अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हैं। पिछले कुछ समय में भी उनके कई बयान विवादों में रहे हैं। करीब एक साल पहले अक्टूबर में डुमरियागंज के धनखरपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर कोई मुस्लिम युवक हिंदू लड़की को अपने साथ ले जाता है, तो जवाब में हिंदू युवकों को कई मुस्लिम लड़कियों को लाकर हिंदू बनाने की बात कही थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि ऐसे लोगों को नौकरी और रहने-खाने का इंतजाम भी वह करवाएंगे। उस वक्त भी उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था और कई राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों ने इसकी आलोचना की थी। इसके बावजूद उनके बयान लगातार चर्चा का विषय बनते रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस
ताजा बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कुछ लोग इसे नफरत फैलाने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर चुनावी माहौल या सामाजिक कार्यक्रमों में विवाद का कारण बन जाते हैं और समाज में तनाव भी पैदा कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान को लेकर राजनीतिक दल और प्रशासन किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इस पर कोई कार्रवाई होती है।
