लखनऊ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुक्रवार को मामला गरमा गया। जवान का पार्थिव शरीर जब लखनऊ पहुंचा तो अंतिम दर्शन के दौरान परिवार के लोगों ने उसकी मौत को लेकर कई सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि उन्हें जवान की मौत की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। परिवार ने यह भी दावा किया कि शव पर एक नहीं बल्कि तीन गोलियों के निशान दिखाई दे रहे हैं। इन दावों के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें घटना की सच्चाई स्पष्ट नहीं की जाती और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
मणिपुर में ड्यूटी के दौरान हुई थी मौत
जानकारी के मुताबिक मृतक CRPF जवान की तैनाती मणिपुर में थी। ड्यूटी के दौरान गोली लगने से उसकी मौत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, गोली कैसे चली और जवान किन परिस्थितियों में इसकी चपेट में आया, इसे लेकर परिवार संतुष्ट नहीं है। शव लखनऊ आने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम और घटना से जुड़ी जानकारी को लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं और उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं दी गई। इसी वजह से परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिजनों का आरोप है कि अगर जवान को तीन गोलियां लगी हैं तो घटना की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
बुद्धेश्वर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन
परिजनों का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आया जब उन्होंने जवान का शव बुद्धेश्वर चौराहे पर रख दिया। इसके बाद वहां प्रदर्शन शुरू हो गया और सड़क पर यातायात रोक दिया गया। परिवार के साथ स्थानीय लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। सड़क पर शव रखे जाने के कारण चौराहे के आसपास वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार अपनी मांगों पर अड़ा रहा। मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी।
दोबारा पोस्टमार्टम और जांच की मांग पर अड़ा परिवार
फिलहाल परिवार की मुख्य मांग शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने और जवान की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की है। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिवार से लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि प्रदर्शन खत्म कराया जा सके और यातायात सामान्य हो। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले में तय कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। जवान की मौत से जुड़े तथ्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। फिलहाल बुद्धेश्वर चौराहे पर पुलिस बल तैनात है और अधिकारी मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में जुटे हैं।
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