धर्मेंद्र, जिनकी उम्र अब 89 साल है, न सिर्फ हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में से एक हैं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक भी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल नेटवर्थ करीब ₹ 400 से ₹ 450 करोड़ बताई जाती है। मुंबई के पॉश इलाके में उनका आलीशान बंगला, खंडाला और लोनावला में फैले फार्महाउस, रेस्टोरेंट चेन “गरम-धरम”, और महंगी कारों का कलेक्शन। ये सब उनके लग्ज़री साम्राज्य का हिस्सा हैं।
हालांकि, इस चमक-दमक के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि इन करोड़ों की जायदाद का वारिस आखिर कौन बनेगा। पहली पत्नी प्रकाश कौर और उनके चार बच्चे या दूसरी पत्नी हेमा मालिनी और उनकी दो बेटियाँ?
कानून की नज़र से ‘विरासत का गणित’
अगर कोई व्यक्ति वसीयत (Will) नहीं बनाता, तो उसकी संपत्ति का बंटवारा Hindu Succession Act, 1956 के तहत होता है। इस कानून के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति वारिसों यानी पत्नी, बेटे और बेटियों के बीच बराबर हिस्सों में बंटती है।
इसका मतलब यह है कि धर्मेंद्र की दोनों पत्नियों और सभी छह बच्चों को कानूनी तौर पर समान अधिकार प्राप्त होंगे। हालांकि, अगर अभिनेता ने कोई वसीयत तैयार की है, तो संपत्ति उसी दस्तावेज़ में बताए गए अनुपात के अनुसार बाँटी जाएगी।
किसे मिलेगा ज्यादा हिस्सा?
अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि धर्मेंद्र ने अपनी संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोई वसीयत तैयार की है या नहीं। अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो निश्चित तौर पर उसमें परिवार के हर सदस्य के लिए स्पष्ट हिस्सेदारी तय की गई होगी। लेकिन अगर नहीं—तो उनके निधन के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति सभी वारिसों में बराबर बँटेगी।
फिलहाल, धर्मेंद्र पूरी तरह स्वस्थ हैं और फिल्मों के साथ सक्रिय हैं, लेकिन उनके फैंस और मीडिया के बीच यह सस्पेंस बना हुआ है कि इस 450 करोड़ की दौलत का “राजा” कौन बनेगा—सनी-बॉबी, ईशा-अहाना, या फिर दोनों परिवारों के बीच कोई साझा समझौता होगा?
Read More-‘पापा जिंदा है… धर्मेंद्र के निधन की अफवाहों पर बेटी ईशा देओल ने तोड़ी चुप्पी
