बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली और उनके अलग रह रहे पति, ऑस्ट्रियाई होटल व्यवसायी Peter Haag, हाल ही में अंधेरी स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए। यह पेशी घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई के सिलसिले में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे 27 जनवरी तक अपनी-अपनी आय से संबंधित एफिडेविट दाखिल करें। इसके साथ ही कोर्ट ने पीटर हाग को सेलिना जेटली द्वारा लगाए गए घरेलू हिंसा के आरोपों पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। यह मामला नवंबर में दर्ज किया गया था और पहली ही सुनवाई में अदालत के निर्देशों ने साफ कर दिया कि केस को गंभीरता से सुना जाएगा।
100 करोड़ का मुआवजा और 10 लाख मासिक मेंटेनेंस की मांग
सेलिना जेटली ने अपनी याचिका में पति से 100 करोड़ रुपये का मुआवजा और 10 लाख रुपये प्रति माह मेंटेनेंस की मांग की है। एक्ट्रेस का दावा है कि उनकी 15 साल लंबी शादी के दौरान उन्हें लगातार शारीरिक, मौखिक और भावनात्मक हिंसा का सामना करना पड़ा। सेलिना और पीटर हाग की शादी साल 2010 में मुंबई में हुई थी। शादी के बाद दोनों ने हाग के विदेशी असाइनमेंट के चलते मुंबई, दुबई, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया जैसे कई देशों में साथ समय बिताया। याचिका में कहा गया है कि लंबे समय तक चले इस रिश्ते में सेलिना को न सिर्फ मानसिक आघात पहुंचा बल्कि उनका आत्मसम्मान भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।
“आर्थिक आज़ादी छीनी गई”—एक्ट्रेस के गंभीर आरोप
सेलिना जेटली ने कोर्ट में यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति ने जबरन नियंत्रण के जरिए उन्हें आर्थिक रूप से निर्भर बना दिया। एक्ट्रेस का कहना है कि पीटर हाग ने उनके प्रोफेशनल काम पर कई तरह की पाबंदियां लगाईं, जिससे वह एक्टिंग और अन्य प्रोजेक्ट्स में काम नहीं कर पाईं। इस वजह से उनकी कमाई के रास्ते बंद होते चले गए और वे पूरी तरह पति पर निर्भर हो गईं। याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि उन्हें “फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस और डिग्निटी” से वंचित किया गया। सेलिना का दावा है कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया ताकि वह खुद फैसले लेने में असमर्थ हो जाएं और उनकी आवाज दबाई जा सके।
आगे क्या—27 जनवरी पर टिकी सबकी नजरें
अब इस पूरे मामले में अगला अहम मोड़ 27 जनवरी को आने की उम्मीद है, जब दोनों पक्ष अपनी आय से जुड़े दस्तावेज कोर्ट में पेश करेंगे। इसके बाद पीटर हाग की ओर से घरेलू हिंसा के आरोपों पर जवाब दाखिल किया जाएगा। कानूनी जानकारों का मानना है कि आय और खर्च से जुड़े एफिडेविट इस केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे, खासकर मेंटेनेंस और मुआवजे की मांग को लेकर। वहीं, यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा और आर्थिक शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बहस छेड़ रहा है। सेलिना जेटली की याचिका में लगाए गए आरोपों पर अब अदालत की प्रक्रिया के जरिए ही सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह केस फिल्म इंडस्ट्री और आम लोगों—दोनों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।
