Tuesday, March 3, 2026
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22 साल बाद साधु बनकर लौटा ‘बेटा’ तो छलक पड़े मां के आंसू,जब सच आया सामने तो खिसक गई पैरों तले जमीन

22 साल बाद अचानक साधु के भेष में एक शख्स पहुंचा तो पिंकू की बुआ को लगा कि वह उनका ही लापता भतीजा है इसके बाद कुछ निशान को देखकर उसकी पहचान कर ली गई। पिंकू के माता-पिता को दिल्ली से बुलाया गया बेटे को देखकर मन की आंखों से आंसू छलक पड़े।

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Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी से एक बहुत ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ था जिसमें एक लड़का सारंगी बजाते हुए कुछ गा रहा था और पास में उसकी मां और बुआ बैठी हुई थी सभी की आंखें नम थी सभी लोग रो रहे थे। 22 साल बाद अपने बेटे को देखकर एक मां की आंखों से आंसू नहीं रुके और वह फूट-फूट कर रोने लगी। जोगी बनकर आए बेटे का भांडा फूट गया और जब सच पूरे गांव वालों को पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई। 22 साल पहले खरौली गांव के रहने वाले रतिपाल का 11 साल का बेटा पिंकू दिल्ली से लापता हो गया था। 22 साल बाद अचानक साधु के भेष में एक शख्स पहुंचा तो पिंकू की बुआ को लगा कि वह उनका ही लापता भतीजा है इसके बाद कुछ निशान को देखकर उसकी पहचान कर ली गई। पिंकू के माता-पिता को दिल्ली से बुलाया गया बेटे को देखकर मन की आंखों से आंसू छलक पड़े।

बुआ ने दिए 11,000 रुपए तो पिता ने खरीद कर दिया फोन

22 साल बाद अपने बेटे को देखकर परिवार और गांव वालों के आंखों से आंसू छलक पड़े गांव वालों ने साधु बनकर आए पिंकू की काफी सेवा की और उसे रोकने का काफी प्रयास किया। पिंकू ने उन्हें बताया कि उसने संयास ले लिया है उसे झारखंड में अपने पारसनाथ मठ में वापस लौटना होगा। उनके गुरु ने उनसे कहा था कि उनकी दीक्षा तभी पूरी होगी जब वह अयोध्या जाएंगे और फिर अपने परिवार के सदस्यों से भिक्षा लेंगे। गांव वाले यही चाहते थे कि पिंकू सामान्य जीवन जीने लगे और गांव में ही रहे। लेकिन जब वह नहीं माना तो ग्रामीणों ने मिलकर 13 क्विंटल अनाज भिक्षा के रूप में दिया और रतिपाल की बहन यानी पिंकू की बुआ ने उसे 11000 रुपए दिए। वही पिता रतिपाल ने पिंकू को फोन खरीद कर दिया और संपर्क में रहने के लिए कहा। 1 फरवरी को पिंकू गांव से चला गया। पिंकू ने जाने के बाद रतिपाल को फोन करना शुरू कर दिया और कहा कि वह उनके पास वापस लौटना चाहते हैं लेकिन मठ वाले उन्हें ऐसा तब करने देंगे जब 10 लाख रुपए पहुंचेंगे। उन्होंने रतिपाल से कहा कि यह वह कीमत है जो भिक्षु को परिवार जीवन में लौटने के लिए चुकानी पड़ती है।

बेटे को पाने के लिए पिता ने बेच दी जमीन

बेटे को पाने के लिए पिता रतिपाल ने गांव में अपनी 11.2 लख रुपए में बेच दी और फिर पिंकू से कहा कि वह मठ को पैसे देने के लिए झारखंड आएगा। लेकिन पिंकू ने रतिपाल को मठ में आने से मना किया इसके पीछे के कई सारे कारण बताएं जिससे रतिपाल को संदेह हुआ और पूछताछ शुरू की लेकिन पता चला कि झारखंड में परसानाथ मठ के नाम से कोई हिंदू मठ ही नहीं था। इसके बाद रतिपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सच जानकर खिसक गई पैरों तले जमीन

वही तिलोई सर्किल अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को रतिपाल ने जायस पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को पता चला है कि पिंकू के रूप में दिखावा करने वाला व्यक्ति वास्तव में गोंडा गांव का नफीस नामक व्यक्ति था। उसका पूरा परिवार फ्रॉड करता है। एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ से पता चला है कि नफीस के भाई राशिद ने खुद को एक साधु के रूप में पेश किया था और जुलाई 2021 में लगभग उसी प्ले बुक का उपयोग करके एक परिवार से लाखों ठगी की थी। आरोपी ना फेस का पूरा परिवार ही फर्जीवाड़े का गैंग चलता है। यह परिवार टिकरिया गांव में रहता है। पूरा परिवार धोखाधड़ी के लिए बदनाम है।

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