Anant Singh News: बिहार की राजनीति के चर्चित बाहुबली नेता और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया है। पहले उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब इस समयसीमा को बढ़ाकर 4 दिसंबर 2026 कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अनंत सिंह को अपनी बेटी की शादी में शामिल होने का मौका मिल सकेगा। कोर्ट के इस आदेश की बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा हो रही है।
बेटी की शादी बनी राहत की वजह
अनंत सिंह (Anant Singh) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वकील ने उनकी बेटी शिवांगी सिंह की शादी का हवाला देते हुए आत्मसमर्पण के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। बताया गया कि शिवांगी की शादी 25 नवंबर 2026 को होनी है। परिवार में शादी की तैयारियां और अन्य मांगलिक कार्यक्रम चल रहे हैं। ऐसे में अनंत सिंह (Anant Singh) को इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कुछ और समय देने की मांग की गई। अदालत ने इस दलील पर विचार किया और सरेंडर की समयसीमा तीन दिन बढ़ाने का फैसला सुनाया। इस राहत के बाद अब अनंत सिंह (Anant Singh) को 4 दिसंबर तक संबंधित जांच अधिकारी या अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा।
1 दिसंबर की जगह अब 4 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर
सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के अनुसार, अनंत सिंह (Anant Singh) को अब 4 दिसंबर 2026 तक हर हाल में आत्मसमर्पण करना होगा। इससे पहले अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था। समयसीमा में बदलाव का मतलब है कि उन्हें अपनी बेटी की शादी के बाद भी कुछ दिन का अतिरिक्त वक्त मिल गया है। हालांकि, यह राहत केवल आत्मसमर्पण की तारीख बढ़ाने तक सीमित है। इससे मामले में उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पर कोई रोक नहीं लगती। निर्धारित तारीख तक सरेंडर करना उनके लिए जरूरी होगा। अदालत के निर्देश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि अनंत सिंह (Anant Singh) कब आत्मसमर्पण करते हैं।
बिहार पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच को लेकर भी अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने बिहार पुलिस और संबंधित जांच अधिकारी को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने तथा सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने को कहा है। इसका मतलब है कि पुलिस को तय समय के अंदर मामले से जुड़े बाकी तथ्यों और सबूतों की जांच पूरी करनी होगी। इसके बाद अदालत में पूरक आरोपपत्र पेश किया जाएगा। चार महीने की अवधि पूरी होने के बाद मामले की दोबारा सुनवाई होगी। इस निर्देश से जांच प्रक्रिया को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पुलिस पर आ गई है।
जेडीयू से निष्कासन के बाद फिर चर्चा में आए अनंत सिंह
बिहार की राजनीति में अनंत सिंह (Anant Singh) का नाम हमेशा सुर्खियों में रहा है। मोकामा क्षेत्र में उनका राजनीतिक प्रभाव और बाहुबली छवि उन्हें प्रदेश की चर्चित राजनीतिक हस्तियों में शामिल करती है। जेडीयू से निष्कासित किए जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल अदालत ने उन्हें बेटी की शादी के मद्देनजर सरेंडर के लिए अतिरिक्त समय दिया है, लेकिन चार दिसंबर की समयसीमा उनके लिए महत्वपूर्ण रहेगी। वहीं, चार महीने बाद होने वाली सुनवाई में जांच और सप्लीमेंट्री चार्जशीट से जुड़े घटनाक्रम पर सबकी नजर रहेगी।
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