लद्दाख के दुर्गम पहाड़ी इलाके में सेना के एक वाहन के साथ बड़ा हादसा हो गया। नेशनल हाईवे-1 पर नामिका ला पास के नजदीक सेना का भारी ट्रक अनियंत्रित होकर करीब 600 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में वाहन चला रहे ड्राइवर और उनके साथ मौजूद को-ड्राइवर की जान चली गई। हादसे की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
काफिले के साथ जा रहा था सेना का भारी वाहन
जानकारी के मुताबिक, सेना के वाहनों का एक काफिला पहाड़ी रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान जरूरी सैन्य सामग्री ले जा रहा एक भारी ट्रक नामिका ला पास के पास एक खतरनाक मोड़ पर अपना संतुलन खो बैठा। बताया जा रहा है कि सड़क संकरी थी और मोड़ पर वाहन को बेहद सावधानी से निकालने की जरूरत थी। इसी बीच ट्रक सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया। हादसा इतना गंभीर था कि वाहन में सवार दोनों जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। सेना की ओर से अभी मृतक जवानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पहले उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दुर्गम पहाड़ी इलाके में चलाया गया बचाव अभियान
दुर्घटना की खबर मिलते ही राहत और बचाव दल सक्रिय हो गए। वाखा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कारगिल की जिला कमांड टीम, सेना की इकाइयों, आईटीबीपी और एनडीआरएफ ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। हालांकि, घटनास्थल तक पहुंचना आसान नहीं था। आसपास ऊंची चट्टानें, बिखरे हुए पत्थर और हिमस्खलन का खतरा राहत दलों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे। काफी मशक्कत के बाद खाई में गिरे वाहन के मलबे से दोनों जवानों के शव बाहर निकाले गए। इसके बाद शवों को चिकटन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
हादसे की वजह जानने के लिए शुरू हुई जांच
दो जवानों की मौत के बाद दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है। वाखा पुलिस थाने में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की असली वजह सामने लाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल होगी। इसमें वाहन में तकनीकी खराबी, ड्राइवर से हुई संभावित चूक और पहाड़ी रास्ते की मौजूदा परिस्थितियों को भी शामिल किया जाएगा। जवानों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और जरूरी कानूनी व मेडिकल प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। जांच के बाद ही दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुंछ में भी खाई में गिरा था वाहन, छह लोगों की गई थी जान
जम्मू-कश्मीर में इससे पहले पुंछ जिले के सुरनकोट स्थित शेलधर इलाके में भी वाहन खाई में गिरने की घटना सामने आई थी। उस हादसे में दो महिलाओं समेत छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। घटना पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया था और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लद्दाख की ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सफर के दौरान होने वाले खतरों की ओर ध्यान खींचा है।
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