तेलंगाना के खम्मम जिले में एक राहत अभियान उस समय बड़े हादसे में बदल गया, जब बेथुपल्ली झील में बचाव कार्य के दौरान SDRF की दो नावें पलट गईं। यह घटना सथुपल्ली मंडल की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, झील में पांच मछुआरों को बचाने के लिए SDRF की टीम पहुंची थी। इसी दौरान अचानक दोनों नावें संतुलन खो बैठीं और पानी में पलट गईं। बताया जा रहा है कि इलाके में तेज हवाओं और पानी के तेज बहाव के कारण नावों को संभालना मुश्किल हो गया था। इस अप्रत्याशित घटना से बचाव अभियान में लगे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
10 कांस्टेबल लापता, झील में तेजी से चल रही तलाश
नावों के पलटने के बाद SDRF के 10 कांस्टेबल लापता बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया। गोताखोरों और विशेष बचाव दलों को झील में उतारा गया है, जो लापता जवानों की तलाश कर रहे हैं। घटनास्थल पर वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए हैं और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बचाव दल झील के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। फिलहाल सभी की प्राथमिकता लापता जवानों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे की चिंता बढ़ा दी है।
CM रेवंत रेड्डी ने संभाली स्थिति, अधिकारियों को दिए निर्देश
खम्मम में हुए इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला कलेक्टर को बचाव अभियान में तेजी लाने और SDRF कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को भी पूरे मामले की लगातार समीक्षा करने को कहा है। सरकार की ओर से अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और बचाव अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त संसाधन, सुरक्षा उपकरण और नावें उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी भी रख रहे नजर, सुबह पहुंचेंगे घटनास्थल
तेलंगाना के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं। मंत्री ने अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने और सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह जिला कलेक्टर से लगातार संपर्क में हैं और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं। मंत्री के मुताबिक, वह अगले दिन सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर खुद स्थिति का जायजा लेंगे। फिलहाल सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता 10 कांस्टेबलों को सुरक्षित बाहर निकालना है। अब सभी की निगाहें झील में जारी सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं।
