उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में UGC के नए नियमों को लेकर बीजेपी के भीतर ही विवाद खड़ा हो गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से नियमों पर सवाल पूछने के बाद एक बीजेपी कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा ने कार्यकर्ता रोहित तिवारी उर्फ काका को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया। रोहित की शिकायत पर दारागंज थाने में पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस विवाद में बीजेपी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी सामने आए हैं और उन्होंने पार्षद के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
प्रबुद्ध सम्मेलन में केशव मौर्य से पूछे गए UGC पर सवाल
यह मामला रविवार को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में आयोजित बीजेपी के प्रबुद्ध सम्मेलन का है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। इसी दौरान बीजेपी कार्यकर्ता रोहित तिवारी उर्फ काका और एक अन्य व्यक्ति ने UGC विनियम, 2026 को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। दोनों ने डिप्टी सीएम से पूछा कि वे उनके मुद्दे पर कब अपनी बात रखेंगे। उन्होंने आवाज लगाकर कहा कि कृपया UGC के बारे में भी बोलिए। उस समय केशव प्रसाद मौर्य मंच से संबोधन कर रहे थे। सवालों के बीच उन्होंने दोनों लोगों से कुछ देर शांत रहने को कहा और भरोसा दिया कि वे इस मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे।
सवाल पूछने के बाद थप्पड़ मारने का आरोप
कार्यक्रम के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए सवाल पूछ रहे दोनों व्यक्तियों को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा रोहित तिवारी की तरफ दौड़े और उन्हें पकड़कर थप्पड़ मार दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की पूरी सच्चाई का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। घटना के बाद रोहित तिवारी ने सोमवार शाम दारागंज थाने पहुंचकर पार्षद के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विनय मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
बीजेपी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
इस मामले में बीजेपी के इलाहाबाद उत्तर से विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी की प्रतिक्रिया ने विवाद को और राजनीतिक रूप दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर पार्षद के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की। विधायक ने लिखा कि UGC का विरोध करना हर ब्राह्मण और सवर्ण का अधिकार है। उन्होंने अपने पोस्ट में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो अपने समाज के लोगों के साथ हिंसा करते हैं। उनकी टिप्पणी के बाद पार्टी के अंदर इस मुद्दे को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि इस मामले में विरोध किसी विपक्षी दल की ओर से नहीं, बल्कि बीजेपी के ही एक कार्यकर्ता और विधायक की तरफ से सामने आया है।
UGC नियमों को लेकर क्यों बढ़ रहा है विवाद?
UGC के नए नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बहस जारी है। इन नियमों के प्रावधानों, उनके प्रभाव और विभिन्न सामाजिक वर्गों पर पड़ने वाले असर को लेकर कई तरह की आपत्तियां सामने आ रही हैं। प्रयागराज की घटना ने इस बहस को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब सवाल केवल नियमों के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रम में सवाल उठाने वाले कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट का भी है। फिलहाल पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। मामले में पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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