केरल के कोल्लम जिले से एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां आस्था और विश्वास की आड़ में एक नाबालिग लड़की के साथ घिनौना कृत्य किया गया। आरोपी की पहचान मौलाना मुहम्मद नियास जौहरी के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय व्लॉगर होने के साथ-साथ खुद को धर्मगुरु बताता है। ओचिरा स्थित ‘हबीबिया इस्लामिक अकादमी’ के निदेशक इस आरोपी ने एक 16 साल की लड़की और उसके रिश्तेदार को यह कहकर संस्थान में बुलाया था कि विशेष प्रार्थना से रिश्तेदार की गंभीर बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी। इसी का फायदा उठाकर उसने अंधविश्वास का जाल बुना और पहली बार नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया।
ब्लैकमेलिंग का सिलसिला और दोस्तों के जरिए खुला राज
पहली बार अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी मौलाना की नीयत और भी ज्यादा मैली हो गई। उसने पीड़िता को डराया-धमकाया और चुप रहने का दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। खौफ और मानसिक दबाव के कारण वह मासूम लंबे समय तक किसी से कुछ कह नहीं पाई। आखिरकार, अक्टूबर और नवंबर 2025 के दौरान उसने हिम्मत जुटाई और अपनी आपबीती अपने कुछ दोस्तों को बताई। दोस्तों से बात सामने आने के बाद ही इस पूरे काले कारनामे की जानकारी बाहर आई और पुलिस तक शिकायत पहुंच सकी।
आरोपी की गिरफ्तारी और इस्लामिक अकादमी पर ताला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लिया और आरोपी मौलाना मुहम्मद नियास जौहरी को उसके संस्थान से ही हिरासत में ले लिया। पुलिसिया पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस शातिर ने इसी तरह कई अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया होगा। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है। वहीं, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओचिरा स्थित ‘हबीबिया इस्लामिक अकादमी’ को पूरी तरह बंद कर दिया है। इस धार्मिक स्कूल में पढ़ने वाले करीब 40 बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को देखते हुए उनकी विशेष काउंसलिंग कराई जा रही है।
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा, कई अन्य राज आने की उम्मीद
यह सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे धर्म और आस्था की आड़ में इस तरह के अपराधों को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास और संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों को अंदेशा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस का मुख्य जोर पीड़िता को न्याय दिलाने और इस प्रकार के अवैध रूप से चल रहे संस्थानों पर नकेल कसने पर है।
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