उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 1 नवंबर को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर निशाना साधा। चौरी-चौरा क्षेत्र में रेल उपरिगामी सेतु समेत कई विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे सीएम योगी ने दिल्ली में हो रहे विपक्ष के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो माहौल बनाया जा रहा है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं, बल्कि गरीबों के प्रति है। मुख्यमंत्री का इशारा विपक्षी दलों की उस रैली और विरोध प्रदर्शन की ओर था, जिसमें कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे। योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उन्हें अब परेशानी महसूस हो रही है। उनके मुताबिक, ऐसे लोग सड़कों पर प्रदर्शन करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल तैयार करना चाहते हैं। योगी ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण और विकास के लिए काम कर रही है, लेकिन विपक्ष को यह व्यवस्था रास नहीं आ रही है। उन्होंने विपक्षी नेताओं के विरोध को राजनीतिक गतिविधि बताते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर विपक्षी दलों का पक्ष भी राजनीतिक बहस का हिस्सा है।
सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर CM योगी ने लगाए गंभीर आरोप
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान प्रदेश में अपराध और अराजकता का माहौल था। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उस समय करीब 10 लाख गुंडे पाले हुए थे, जो अलग-अलग जिलों में लूटपाट और अवैध गतिविधियों में शामिल रहते थे। उन्होंने कहा कि गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए जाते थे और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्तमान सरकार के कार्यकाल की तुलना पिछली सरकार से करते हुए कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए।
विकास परियोजनाओं के बीच सियासी बयानबाजी, विपक्ष पर जारी रखा हमला
गोरखपुर के चौरी-चौरा में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना और विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत करना था। इस दौरान रेल उपरिगामी सेतु समेत कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। लेकिन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का राजनीतिक संबोधन भी चर्चा में रहा। उन्होंने दिल्ली में विपक्ष की सक्रियता को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकार गरीबों के हित में काम कर रही है। दूसरी तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ के इस बयान से बीजेपी और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा मिल गया है।
