INDIA गठबंधन की रैली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमित शाह भले ही दावा करें कि नरेंद्र मोदी कहीं जाने वाले नहीं हैं, लेकिन उनका जवाब है कि मोदी कहीं नहीं जा सकते। अगर वह जाना भी चाहेंगे तो विपक्ष उन्हें जाने नहीं देगा। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने भाषण में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद विपक्ष उनके सामने भी सवाल लेकर खड़ा होगा। राहुल ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल में हलचल तेज हो गई है।
वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम हटाने का आरोप
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने भाषण में मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद करीब साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। राहुल के मुताबिक, लगभग हर सात में से एक मतदाता का नाम सूची से बाहर हुआ है। उन्होंने कहा कि करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा बेहद गंभीर है, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत और हार का अंतर बहुत कम था। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इसी आधार पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर इतने बड़े स्तर पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं तो चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, वोटर लिस्ट से नाम हटाने के उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
मोदी-शाह और ज्ञानेश कुमार पर निशाना
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। राहुल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत दुश्मनी की वजह से नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी, शाह या ज्ञानेश कुमार के प्रति उनके मन में नफरत नहीं है। उनका विरोध उन नीतियों और कामों से है, जिनके बारे में उनका मानना है कि वे संविधान और लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।
हिंसा नहीं, मोहब्बत के रास्ते पर लड़ाई का संदेश
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने विपक्ष की लड़ाई को विचारधारा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश का संविधान किसी भी सरकार से बड़ा है और सत्ता में बैठे लोगों को भी संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। राहुल ने साफ कहा कि उनकी लड़ाई किसी को मारने या नुकसान पहुंचाने की नहीं है। उन्होंने नफरत की राजनीति का विरोध करते हुए मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि देश के लोगों को नफरत नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सम्मान चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने अपनी चर्चित ‘मोहब्बत की दुकान’ वाली बात भी दोहराई। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि उनके फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इन आरोपों और चेतावनियों पर बीजेपी तथा चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
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