Devdutt Padikkal: क्रिकेट में कभी-कभी एक फैसला खिलाड़ी की शानदार पारी को भी विवादों में ला देता है। ऐसा ही कुछ देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) के साथ हुआ, जब न्यूजीलैंड ए के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट मैच में वह 199 रन बनाकर आउट करार दिए गए। पडिक्कल अपने दोहरे शतक से केवल एक रन दूर थे, लेकिन अंपायर के फैसले ने उनकी पारी का अंत कर दिया। इस फैसले के बाद बल्लेबाज हैरान नजर आए और विकेट को लेकर चर्चा शुरू हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal)ने अपनी पारी के दौरान मुश्किल परिस्थिति में इंडिया ए को संभाला और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, 200 रन पूरे करने का मौका हाथ से निकलने के कारण उनकी इस शानदार पारी के साथ एक विवाद भी जुड़ गया।
विकेटकीपर के हाथों में गई गेंद, अपील पर अंपायर ने उठाई उंगली
यह घटना इंडिया ए की दूसरी पारी के 89वें ओवर में हुई। उस समय देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) 199 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। गेंद शॉर्ट लेंथ पर आई और लेग स्टंप की लाइन में थी। देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने उसे हल्के हाथों से खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। न्यूजीलैंड ए के खिलाड़ियों ने आउट की अपील की और अंपायर ने बल्लेबाज को आउट दे दिया। पडिक्कल को भरोसा था कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी है। इसी वजह से वह फैसले से असहमत दिखाई दिए। क्रिकेट में ऐसे मौकों पर अंपायर का निर्णय काफी अहम होता है, खासकर तब जब बल्लेबाज बड़ी पारी खेल रहा हो। इस घटना में भी सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की हो रही है कि क्या देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) को दोहरा शतक पूरा करने का एक और मौका मिल सकता था।
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— ‘ (@Chixxwalia) October 26, 2026
199 रन पर भी क्यों नहीं लिया DRS?
देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) के आउट होने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के मन में सवाल उठा कि उन्होंने DRS यानी डिसीजन रिव्यू सिस्टम का इस्तेमाल क्यों नहीं किया। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाज अंपायर के फैसले को चुनौती देने के लिए रिव्यू ले सकता है। लेकिन इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला जा रहा यह मुकाबला अनऑफिशियल टेस्ट था। ऐसे मैचों में DRS की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण पडिक्कल के पास फैसले को चुनौती देने का विकल्प नहीं था और उन्हें अंपायर के निर्णय को स्वीकार करना पड़ा। इस पारी की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने इंडिया ए के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर बनाया। वह भले ही दोहरा शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनके 199 रन टीम को मुकाबले में वापस लाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए।
पहली पारी में 113 रन पर सिमटी थी इंडिया ए
मुकाबले में इंडिया ए की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम पहली पारी में सिर्फ 113 रन बना सकी, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बनाकर 204 रन की बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में भी इंडिया ए ने शुरुआती दो विकेट महज 10 रन पर गंवा दिए। ऐसे समय में देवदत्त देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) और साई सुदर्शन ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों के बीच 215 रन की अहम साझेदारी हुई। सुदर्शन ने 91 रन बनाकर टीम को सहारा दिया। इसके बाद पडिक्कल ने यश राठौड़ के साथ भी महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे इंडिया ए की स्थिति मजबूत हुई और टीम पारी की हार के खतरे से बाहर निकलने में सफल रही। देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) के 199 रन ने टीम की वापसी में बड़ी भूमिका निभाई। अब उनकी इस पारी को लंबे समय तक याद किया जा सकता है, क्योंकि इसमें शानदार बल्लेबाजी के साथ एक रन से दोहरा शतक चूकने की कसक भी जुड़ गई।
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