उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले पुलिस लाइन क्षेत्र के ठीक सामने किन्नरों के एक गुट ने ऐसा तांडव मचाया कि प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर सरेआम नग्न और अर्धनग्न होकर हंगामा किया, आने-जाने वाले वाहनों के पहिए थाम दिए और गाड़ियों के बोनट पर चढ़कर जमकर उत्पात मचाया। जब राहगीरों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ सरेराह हाथापाई और अभद्रता की गई। हालात इतने बिगड़ गए कि जब पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर इन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी खाकी से ही भिड़ गए और उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। करीब एक घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर स्थिति पर काबू पाया और पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
वर्चस्व की लड़ाई और बधाई वसूली का वो काला सच
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल वजह जानकर आप दंग रह जाएंगे। पुलिस की शुरुआती जांच में जो सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, उनके मुताबिक यह पूरा विवाद किन्नर समाज के दो बड़े गुटों के बीच वर्चस्व की लंबी और गहरी लड़ाई का नतीजा है। एक तरफ जहां शहर में किन्नर समाज की प्रमुख बब्ली मौसी का दबदबा है, वहीं दूसरी तरफ उनके विरोधी गुट की कमान अंशिका उर्फ अभिषेक किन्नर संभाल रही है। बताया जा रहा है कि अंशिका पहले बब्ली मौसी के साथ ही रहकर काम करती थी। लेकिन करीब दो साल पहले उस पर बिना अनुमति के लोगों से जबरन और मनमाने ढंग से ज्यादा बधाई वसूलने की गंभीर शिकायतें मिलने लगीं। इन लगातार शिकायतों से नाराज होकर बब्ली मौसी ने अंशिका को अपने समूह से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। तभी से अंशिका ने अपना अलग गुट बना लिया और दोनों पक्षों के बीच भीतर ही भीतर रंजिश की आग सुलग रही थी, जो अब सड़क पर आकर फट पड़ी।
फर्जी मुकदमे का दबाव और खाकी से भी भिड़ गए आरोपी
यह पूरा मामला झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र का है, जहां कानून और व्यवस्था को ताक पर रखकर सरेआम यह ड्रामा रचा गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे हंगामे की मुख्य सूत्रधार अंशिका उर्फ अभिषेक थी। उसके साथ पूजा किन्नर, नयनपारा किन्नर, रश्यिन किन्नर और अंशिका की मां ममता भी इस तांडव में खुलकर शामिल थीं। इन सभी ने बेहद सुनियोजित तरीके से पुलिस लाइन के मुख्य गेट के सामने भारी यातायात बैरियर लगाकर सड़क को पूरी तरह से बाधित कर दिया था। इसके बाद राहगीरों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन किसी अचानक उपजे गुस्से का परिणाम नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक दबाव बनाने की सोची-समझी रणनीति थी। आरोपी गुट विरोधी पक्ष की मुखिया बब्ली मौसी के खिलाफ पुलिस पर झूठा और फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का लगातार दबाव बना रहा था। जब पुलिस ने उनकी इस अवैध मांग को मानने से साफ इंकार कर दिया, तो उन्होंने सरेराह नग्न होकर इस अराजकता का खेल शुरू कर दिया।
अब सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी, इलाके में सनसनी
पुलिस ने अपनी त्वरित, सतर्क और सख्त कार्रवाई दिखाते हुए मौके से सभी पांचों आरोपियों को धर दबोचा। नवाबाद थाना पुलिस ने इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी शिकंजा कस दिया है। गिरफ्तारी के बाद इन सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से झांसी शहर में भारी सनसनी फैली हुई है और हर चौराहे पर इसी बात की चर्चा हो रही है कि आखिर किस तरह से कुछ लोगों ने अपनी जिद के चलते आम जनता और कानून की धज्जियां उड़ा दीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है ताकि समाज में इस तरह की अराजकता को दोबारा फैलने से रोका जा सके।
