बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की चर्चा के बीच अनंत सिंह के परिवार की सियासत पर सबकी नजरें टिकी हैं। अनंत सिंह ने अपने बड़े बेटे अभिषेक सिंह को चुनावी मैदान में उतारने का ऐलान किया है। लेकिन उनकी पत्नी नीलम देवी भी मोकामा से विधायक रह चुकी हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर उपचुनाव की स्थिति बनती है, तो परिवार की ओर से किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा? अनंत सिंह के हालिया बयान ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।
अनंत सिंह ने बेटे अभिषेक सिंह के नाम पर लगाई मुहर?
पूर्व विधायक अनंत सिंह ने बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी प्रखंड सभागार में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में उनकी जगह उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह चुनाव लड़ेंगे। वह पहले भी कई मौकों पर खुद चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुके हैं। अनंत सिंह का कहना है कि उनका बेटा शिक्षित है और राजनीतिक जिम्मेदारी संभाल सकता है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में रहने के दौरान भी उन्होंने बेटे को आगे बढ़ाने की बात कही थी। उनके इस रुख से संकेत मिलता है कि वह परिवार की राजनीतिक विरासत अभिषेक को सौंपने की तैयारी में हैं।
जुलाई में भी दिखा था अभिषेक सिंह का राजनीतिक अंदाज
अभिषेक सिंह की सक्रियता पहले भी मोकामा क्षेत्र में देखने को मिली है। इसी साल जुलाई में घोसवरी में नए राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन के दौरान वह अपने पिता के साथ पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में अनंत सिंह ने कॉलेज का उद्घाटन किया, जबकि लोगों को संबोधित करने की जिम्मेदारी अभिषेक ने संभाली। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क करने की बात कही। इस घटनाक्रम को क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका बढ़ने के संकेत के रूप में देखा गया। हालांकि, चुनाव लड़ने और उम्मीदवार बनने की अंतिम स्थिति राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
पत्नी नीलम देवी भी मोकामा से रह चुकी हैं विधायक
अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी भी मोकामा की राजनीति में मजबूत पहचान रखती हैं। नवंबर 2022 में हुए उपचुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सोनम देवी को 16,752 वोटों से हराया था। अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद नीलम देवी चुनाव मैदान में उतरी थीं। ऐसे में अगर मोकामा में दोबारा उपचुनाव होता है, तो उनके नाम को लेकर भी चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि, अनंत सिंह के बेटे को आगे करने के बयान के बाद अभिषेक सिंह की दावेदारी पर विशेष नजर रहेगी।
जेडीयू से निष्कासन के बाद उपचुनाव पर टिकी निगाहें
अनंत सिंह और नीलम देवी को जेडीयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित किया है। वहीं, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर कोई फैसला होता है या नहीं, यह संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। पार्टी से निष्कासन मात्र से विधानसभा की सदस्यता अपने आप समाप्त नहीं होती। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मोकामा में उपचुनाव की नौबत आएगी और यदि ऐसा हुआ, तो अनंत सिंह अपने बेटे अभिषेक सिंह को मौका देंगे या नीलम देवी फिर से चुनावी मैदान में उतरेंगी। इन सवालों का जवाब आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम से ही साफ होगा।
