जिंदगी कब और किस मोड़ पर करवट ले ले, यह कोई नहीं जानता। पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकपूरा में रहने वाले एक मजदूर परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हैरान करने वाला वाकया हुआ है। यहाँ रहने वाली बिमला देवी, जिनके पति मजदूरी (स्ट्रिंग का काम) करके किसी तरह अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं, एक दिन सामान्य दिनों की तरह शाम के समय रेलवे रोड पर कुछ घरेलू सामान खरीदने के लिए निकली थीं। बाजार के काम से लौटते वक्त अचानक उनके मन में एक अजीब सा ख्याल आया और उन्होंने रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक लॉटरी स्टॉल पर रुकने का फैसला किया। उन्होंने बिना किसी बड़े प्लान या उम्मीद के मात्र 7 रुपये खर्च करके सिक्किम राज्य लॉटरी का एक छोटा सा टिकट खरीद लिया। उन्हें तनिक भी अंदाजा नहीं था कि यह सात रुपये का टिकट उनकी पूरी जिंदगी की दिशा और दशा बदलकर रख देगा।
अगले ही शाम परिणाम ने खोल दी खुशियों की तिजोरी
लॉटरी टिकट खरीदने के अगले दिन शाम को जब उस लॉटरी का रिजल्ट आया, तो किसी चमत्कार से कम नहीं हुआ। जब बिमला देवी और उनके परिवार ने अपने उस सात रुपये वाले टिकट के नंबर की जाँच की, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और आँखों में उम्मीद के आँसू आ गए। उनके द्वारा खरीदे गए उसी साधारण से टिकट पर पूरे 1 करोड़ रुपये का बंपर इनाम निकल आया था। एक गरीब मजदूर परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जीतना किसी सपने के सच होने जैसा था। खबर मिलते ही पूरे घर में अविश्वास और आश्चर्य के बीच खुशियों की लहर दौड़ गई। जो परिवार कल तक दो वक्त की रोटी और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, वह अचानक से रातों-रात करोड़पति परिवार की श्रेणी में आ खड़ा हुआ था।
मिठाई खाकर और भांगड़ा कर ऐसे मनाया जश्न
जब लॉटरी स्टॉल के संचालक को इस बात की जानकारी मिली कि उनकी दुकान से बिके टिकट पर एक करोड़ का इनाम निकला है, तो उनकी भी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। दुकानदार तुरंत विजेता परिवार के पास पहुँचे और उन्हें इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। इसके बाद लॉटरी स्टॉल पर ही एक जश्न का माहौल बन गया। दुकानदार नरेश मोंगा ने विजेता परिवार का मुँह मीठा करवाया और इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी जमकर भांगड़ा किया और अपनी खुशी का इजहार किया। दुकान संचालक नरेश मोंगा ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से यह काम कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने अपनी दुकान रेलवे स्टेशन के पास शिफ्ट की थी। उनकी दुकान से पहले भी छोटे-मोटे इनाम निकलते रहे हैं, लेकिन एक करोड़ रुपये का यह बंपर इनाम उनकी दुकान के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पुरस्कार है।
बच्चों के भविष्य और नए कारोबार को लेकर क्या है योजना
अचानक मिली इस अपार सफलता के बाद बिमला देवी और उनके पूरे परिवार ने बेहद समझदारी और परिपक्वता भरा रुख अपनाया है। बिमला देवी ने बताया कि इस धन के आने से उनके परिवार की तमाम आर्थिक परेशानियाँ हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनका सबसे पहला और मुख्य उद्देश्य अपने बच्चों की बेहतर परवरिश और उच्च शिक्षा सुनिश्चित करना है। हालाँकि, अभी उन्होंने यह तय नहीं किया है कि इस एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल तुरंत किस रूप में किया जाए। परिवार के सभी सदस्य बैठकर आपस में विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई नया कारोबार या बिजनेस शुरू करने की योजना बनाएंगे, ताकि पैसों का सही सदुपयोग हो सके और आने वाली पीढ़ी का जीवन खुशहाल बन सके।
