उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के मतदान के दौरान आगरा से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां समाजवादी पार्टी (सपा) के शिक्षक सीट के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल मीडिया के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर खुलकर सवाल उठाते हुए उनका यह वीडियो तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने एक तरफ जहां चुनाव की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक तापमान को भी अचानक काफी बढ़ा दिया है। प्रत्याशी का इस तरह कैमरे के सामने टूट जाना और भावुक होना हर किसी को हैरान कर रहा है।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप, बूथ कैप्चरिंग का दावा
मीडिया से बात करते हुए सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने सीधे तौर पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप मड़े। उनका दावा है कि मतदान के दौरान खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता क्षेत्र के कई बूथों पर खुलेआम बूथ कैप्चरिंग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी और प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सत्ता के दबाव में काम कर रहा है। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि जब उन्होंने धांधली और अनियमितताओं की शिकायत लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की, तो किसी ने भी उनकी बात सुनने या उचित कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। उनके अनुसार, उन्हें निष्पक्ष चुनाव के लिए न्याय की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
न्याय न मिलने पर दिया विवादित और चौंकाने वाला बयान
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुनवाई न किए जाने और कथित रूप से दुर्व्यवहार किए जाने से डॉ. आकाश अग्रवाल बुरी तरह आहत नजर आए। निराशा और गुस्से के चरम पर पहुंचकर उन्होंने एक ऐसा बयान दे डाला जिसने सभी को सकते में डाल दिया। भावुक होते हुए उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि उन्हें इस तरह लगातार अन्याय का सामना करना पड़ा और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जाती रहीं, तो वह शाही जामा मस्जिद जाकर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लेंगे। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल में एक नया और बेहद विवादास्पद मोड़ ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव और आगे की प्रक्रिया
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कुल 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया जा रहा है। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जिसमें आगरा खंड के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भी शामिल है। इस चुनाव की प्रक्रिया आम विधानसभा चुनावों से पूरी तरह अलग होती है, जिसमें केवल विशेष मतदाता सूची में दर्ज शिक्षक और स्नातक मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच सभी की निगाहें अब 27 अक्टूबर पर टिकी हैं, जिस दिन इन सभी सीटों पर डाले गए वोटों की गिनती होगी और चुनाव के नतीजे सामने आएंगे।
