बिहार की राजनीति में एक बार फिर सेवानल सुलग उठा है और इस बार मामला जेडीयू के भीतर की अंतर्कलह और एक हाई-प्रोफाइल हिरासत से जुड़ा है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एमएलसी चुनाव के ठीक बीचों-बीच पटना पुलिस ने करबिगहिया इलाके से जेडीयू के पूर्व नेता छोटू सिंह को हिरासत में ले लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से राज्य का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। छोटू सिंह को पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की खबर जैसे ही फैली, वैसे ही बाहुबली जेडीयू विधायक अनंत सिंह का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस पूरी घटना ने पार्टी के भीतर लंबे समय से दबी सुलगती आग को हवा दे दी है और अनंत सिंह के आक्रामक तेवरों ने एक बार फिर से जेडीयू के अंदरूनी समीकरणों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
नीरज कुमार और पार्टी नेतृत्व पर फूटा अनंत सिंह का गुस्सा
अपने करीबी समर्थक की गिरफ्तारी से आगबबूला हुए अनंत सिंह ने मीडिया के सामने खुलकर पार्टी के भीतर के अंतर्विरोधों की पोल खोल दी। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नीरज कुमार पर सीधा और तीखा निशाना साधा। अनंत सिंह का कहना है कि जब वे खुद पार्टी के प्रमुख नेता रहे हैं, तब भी नीरज कुमार ने उनके खिलाफ लगातार काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने चार बार चुनाव लड़ा और चारों बार उनके खिलाफ विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद जेडीयू नेतृत्व ने कभी उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की और न ही एक शब्द बोला। इतना ही नहीं, अनंत सिंह ने यह भी याद दिलाया कि एक समय जब नीरज कुमार ने पार्टी के कद्दावर नेता ललन सिंह तक का खुलकर विरोध किया था, तब भी पार्टी हाईकमान पूरी तरह खामोश रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि आखिर पार्टी के भीतर इस तरह के बर्ताव के क्या मायने हैं।
‘वो सरकार हैं, जुल्म तो करेंगे ही…’, छोटू सिंह के बहाने सत्ता पक्ष और प्रशासन पर सीधा हमला
अपने बेहद करीबी और वफादार समर्थक छोटू सिंह की अचानक हुई इस गिरफ्तारी को अनंत सिंह ने पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और प्रशासनिक दबाव का नतीजा बताया है। उन्होंने सरकार और तंत्र पर हमला बोलते हुए बेहद बेबाक अंदाज में कहा कि “वो सरकार हैं, वो तो जुल्म किए ही हैं।” अनंत सिंह का मानना है कि चुनावी माहौल और वोटों के इस अहम समीकरण के बीच उनके करीबियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनके समर्थकों का मनोबल तोड़ा जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी जता दिया कि इस प्रकार की दमनकारी नीतियों से वे या उनके लोग डरने वाले नहीं हैं। उनका यह बयान सीधे तौर पर यह संकेत देता है कि जेडीयू के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है और पार्टी के विधायक ही अब सरकार की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
जीत का पूरा भरोसा, पहले से बंट रही मिठाइयां, अनंत सिंह बोले- ‘जनता ही हमारी असली मालिक है’
एक तरफ जहां छोटू सिंह की हिरासत को लेकर सियासी भूचाल आया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ अनंत सिंह आगामी एमएलसी चुनावों को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त और निश्चिंत नजर आए। उन्होंने जनता को ही अपना सर्वेसर्वा, मालिक और भगवान करार देते हुए कहा कि चुनावों में वोट की असल ताकत जनता के ही हाथों में है। अपनी जीत के प्रति उनका आत्मविश्वास इतना अधिक है कि उन्होंने परिणाम आने से पहले ही अपने क्षेत्र में मिठाइयां बंटवानी शुरू कर दी हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि लोग पहले से ही मिठाई खा रहे हैं और इस चुनाव में जीत उन्हीं की होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि बिहार के इस चुनावी रण में बयानों के तीर चलना शुरू हो चुके हैं, जो आने वाले दिनों में जेडीयू और राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलावों का संकेत दे रहे हैं।
