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वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत बना मसीहा, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने PM मोदी को कहा- ‘ ‘दुनिया के लिए आप…’

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने पीएम मोदी के नेतृत्व को वैश्विक अनिश्चितता के बीच उम्मीद की किरण बताया। जानें भारत और पोलैंड के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और व्यापारिक समझौतों की पूरी खबर।

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दुनियाभर में चल रही राजनीतिक अनिश्चितता और युद्ध जैसे हालातों के बीच भारत की वैश्विक साख लगातार मजबूत होती जा रही है। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब पूरी दुनिया अनिश्चितता और संकट के बादलों से घिरी है, तब भारत और पीएम मोदी का नेतृत्व हम सभी के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात में आपसी भरोसे, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति के संदेश को सर्वोपरि रखा गया। पोलैंड के पीएम ने यह भी साफ किया कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रूप से कभी कोई विवाद नहीं रहा है और भौगोलिक दूरियों के बावजूद हमारे दिल और हित एक-दूसरे के बेहद करीब हैं।

व्यापार से लेकर अंतरिक्ष तक बजेगा डंका

भारत और पोलैंड के बीच इस हाई-प्रोफाइल दौरे पर रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पिछले साल अगस्त में हुई ऐतिहासिक वारसॉ यात्रा के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस बार पोलैंड के प्रधानमंत्री अपने साथ देश के इतिहास का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं, जिसमें दिग्गज कंपनियों के सीईओ और इंडस्ट्रियल लीडर्स शामिल हैं। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, माइनिंग, कोल गैसिफिकेस, शिपयार्ड निर्माण और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को लेकर ठोस चर्चा हुई है। आधुनिक समय की मांग को देखते हुए ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल तकनीक और स्पेस रिसर्च यानी अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भी एक साथ मिलकर काम करने पर मुहर लगी है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को और नई रफ्तार मिलेगी।

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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत होगी दोस्ती

भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं को तय करते हुए भारत और पोलैंड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के सबसे मजबूत सहयोगी बनकर उभरेंगे। G20 जैसे वैश्विक मंचों पर दोनों देश आपसी हितों और वैश्विक शांति के मुद्दों पर साझा रुख अपनाएंगे। पोलैंड के प्रधानमंत्री के तीन दिवसीय (21 से 23 अक्टूबर) इस आधिकारिक दौरे ने यह साबित कर दिया है कि यूरोप और दक्षिण एशिया के ये दोनों देश मिलकर वैश्विक स्थिरता में अहम भूमिका निभा सकते हैं। रक्षा प्रणालियों और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के आदान-प्रदान को लेकर भी जो सहमति बनी है, वह आने वाले समय में दोनों राष्ट्रों के रक्षा तंत्र को और अधिक धार देगी। इस मुलाकात के बाद कूटनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि भारत की वैश्विक कूटनीति अब दुनिया के हर कोने में नए और मजबूत मित्र बनाने में पूरी तरह कामयाब हो रही है।

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