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‘विधानसभा उड़ा दी…!’ AI वीडियो बना इंस्टाग्राम पर डालना पड़ा भारी, बेंगलुरु पुलिस ने बिहार के हजरत अली को दबोचा

बेंगलुरु में AI की मदद से कर्नाटक विधानसभा ‘विधान सौध’ को बम से उड़ाने का फर्जी वीडियो इंस्टाग्राम पर डालकर दहशत फैलाने वाले बिहार के हजरत अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने और ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाने की होड़ इस कदर बढ़ चुकी है कि लोग कानून और समाज की सीमाओं को भूलते जा रहे हैं। ताजा मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर लाइक्स और फॉलोअर्स बटोरने के चक्कर में एक युवक ने ऐसा खतरनाक कदम उठाया कि पुलिस को तुरंत एक्शन लेना पड़ा। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए कर्नाटक की ऐतिहासिक और प्रमुख इमारत ‘विधान सौध’ (विधानसभा) को बम से उड़ाए जाने का एक फर्जी और बेहद डरावना वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इस वीडियो के वायरल होते ही शहर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई।

@jnx_king_h_g अकाउंट से हुआ था वीडियो अपलोड, पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने ऐसे कसा शिकंजा

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बेंगलुरु पुलिस की सतर्क सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम की नजर इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक आपत्तिजनक वीडियो पर पड़ी। यह वीडियो @jnx_king_h_g नामक अकाउंट से शेयर किया गया था। वीडियो की शुरुआत में कर्नाटक की प्रतिष्ठित विधानसभा इमारत ‘विधान सौध’ नजर आती है और अगले ही पल एआई जनरेटेड प्रभावों के जरिए उसमें एक भारी-भरकम धमाका होते हुए दिखाया जाता है। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था कि विधानसभा को बम से उड़ा दिया गया है। इस भ्रामक और सनसनीखेज कंटेंट ने चंद मिनटों में ही इंटरनेट पर दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

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बिहार के अररिया का रहने वाला है आरोपी, बेंगलुरु में करता था मजदूरी और पाइप फिटिंग का काम

वीडियो सामने आते ही बिना किसी देरी के विधान सौध पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद बेंगलुरु पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम ने फौरन अपनी कार्रवाई शुरू की। आईपी एड्रेस (IP Address) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से इंस्टाग्राम अकाउंट को ट्रैक किया गया, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी हजरत अली शोएब को धर दबोचा गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मूल रूप से बिहार के अररिया जिले का रहने वाला है और पिछले कुछ महीनों से रोजगार की तलाश में बेंगलुरु में रहकर एक पाइप फिटर के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस अब खंगाल रही है साजिश के तार, सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट था या कोई बड़ी सोची-समझी चाल?

फिलहाल बेंगलुरु पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी हजरत अली से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने यह कृत्य वाकई केवल सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया था या फिर इसके पीछे किसी गहरी साजिश या असामाजिक तत्वों का हाथ है। इसके अलावा, तकनीकी टीम यह भी जांच कर रही है कि इस तरह के उन्नत एआई वीडियो को तैयार करने में उसने अकेले काम किया था या किसी अन्य साथी ने उसकी मदद की थी। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा से खिलवाड़ और जनता में भय फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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