Unnao Murder Case: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हाईवे किनारे एक बक्से में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस को अचलगंज से उन्नाव जाने वाले मार्ग पर हेल्थ मेडिकल सेंटर के सामने संदिग्ध बक्सा रखे होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बक्सा खोला तो उसमें करीब 25 से 28 साल के युवक का शव मिला। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जय प्रकाश सिंह के निर्देश पर पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की पांच टीमें बनाई गईं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में एक छोटा हाथी लोडर संदिग्ध बक्से को वहां लाते हुए दिखाई दिया। इसी सुराग ने पुलिस को हत्या के मामले की तह तक पहुंचने में मदद की।
ऐसे सामने आया हत्या का राज
पुलिस जांच में लोडर का नंबर UP 35 AT 1938 सामने आया। इसके बाद वाहन मालिक से पूछताछ की गई तो पता चला कि गंगाघाट के कंचन नगर की रहने वाली नेहा रावत ने सामान शिफ्ट करने के नाम पर 1,200 रुपये में वाहन बुक किया था। पुलिस ने नेहा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, नेहा ने बताया कि उसका पति सोनू कथित तौर पर नशा करता था और उसके साथ मारपीट करता था। इसी विवाद के चलते 19 और 20 अक्टूबर की रात हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि सोनू पर बट्टे से हमला करने और उसका मुंह-नाक दबाने के बाद शव को चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बक्से में बंद किया गया। इसके बाद शव को लोडर से हाईवे किनारे फेंक दिया गया।
पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
उन्नाव पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मृतक की पत्नी नेहा रावत समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक नाबालिग को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है। जांच में जितेंद्र उर्फ राहुल, तौहीद और अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बट्टा, लोहे का बक्सा और लोडर भी बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, शव को ठिकाने लगाने के लिए दूसरे लोगों की मदद ली गई थी। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। नाबालिग के संबंध में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
