बिहार की राजनीति में अपनी बेबाक बयानी के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक बार फिर अपने एक तीखे और विवादित बयान के कारण चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव खुर्दा में चल रहे दुर्गा महोत्सव के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा ऐलान कर दिया, जिसने न सिर्फ महफिल में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी। सांसद ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी बेटियों की तरफ गलत नजर से देखने या छेड़खानी करने की कोशिश की, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
खुर्दा महोत्सव में सांसद का तीखा और आक्रामक तेवर
दुर्गा महोत्सव के पावन अवसर पर अपने पैतृक गांव खुर्दा पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भीड़ के बीच एक विवादित घोषणा कर डाली। सांसद ने ऐलान किया कि जो कोई भी बेटी से छेड़खानी करने वाले का हाथ काटकर उनके पास लाएगा, उसे उनकी तरफ से दो लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोग हैरान रह गए और यह मुद्दा तेजी से सोशल मीडिया तथा मीडिया की सुर्खियों में छा गया।
कानून हाथ में लेने के बयान पर उठे गंभीर सवाल
एक तरफ जहां सांसद ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े तेवर दिखाए, वहीं उनके इस बयान पर देश और समाज में गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं। जानकारों और आलोचकों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते कानून व्यवस्था बनाए रखना और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना उनकी मुख्य जिम्मेदारी है। इस तरह से खुलेआम किसी का हाथ काटने जैसे कृत्यों के लिए इनाम की घोषणा करना समाज में हिंसा को बढ़ावा दे सकता है और अराजकता की स्थिति पैदा कर सकता है। अपराध साबित होने पर सजा देने का अधिकार देश के कानून और अदालतों के पास है। ऐसे बयानों से न्याय प्रणाली की अनदेखी होती है, जिसके चलते इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या सुरक्षा के नाम पर कानून को अपने हाथ में लेना उचित है।
पारंपरिक खुर्दा महोत्सव और खेलों का ऐतिहासिक आयोजन
मधेपुरा जिले का खुर्दा गांव न केवल पप्पू यादव का पैतृक गांव है, बल्कि यह अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी पूरे इलाके में विशेष पहचान रखता है। यहां हर साल दुर्गा पूजा के अवसर पर भव्य मेले और महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होने आते हैं। इस महोत्सव की मुख्य खासियत यहां होने वाली पारंपरिक कुश्ती, कबड्डी जैसी रोमांचक खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जो ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। हालांकि, इस बार यह पारंपरिक और उत्साह से भरा आयोजन खेलकूद की वजह से नहीं, बल्कि सांसद के उस विवादित बयान की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
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