कांग्रेस के दो बड़े नेताओं राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात नहीं हो सकी। इस मुलाकात को लेकर अब चार अहम वजहों की चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेता देश में लोकतांत्रिक अधिकारों, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे CJI के सामने रखना चाहते थे। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों पर पहले से न्यायिक प्रक्रिया चलने और अदालत की संवैधानिक सीमाओं जैसे पहलुओं के चलते मुलाकात आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किन कारणों से CJI ने मिलने का समय नहीं दिया और कांग्रेस किन मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप चाहती थी?
सुप्रीम कोर्ट में पहले से विचाराधीन हैं मामले
रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात नहीं होने की पहली बड़ी वजह यह थी कि कांग्रेस नेता जिन मुद्दों को उठाना चाहते थे, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन हैं। अदालत में लंबित मामलों पर अलग से मुलाकात के दौरान चर्चा करना उचित नहीं माना गया। न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि संबंधित पक्ष अपनी बात निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत रखें। यही कारण बताया जा रहा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) को मुलाकात का समय नहीं मिला।
प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप की संवैधानिक सीमा
दूसरी वजह सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक भूमिका से जुड़ी है। अदालत का काम कानून के अनुसार मामलों की सुनवाई करना और न्याय सुनिश्चित करना है। सरकार के रोजमर्रा के प्रशासनिक फैसलों में सीधे हस्तक्षेप करना उसके अधिकार क्षेत्र का सामान्य हिस्सा नहीं है। ऐसे में जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेता चर्चा करना चाहते थे, उनमें प्रशासनिक पहलू भी शामिल थे। तीसरी वजह यह है कि नेताओं को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप होने पर न्याय पाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाने की स्वतंत्रता है। वे उचित याचिका दाखिल कर अदालत से राहत मांग सकते हैं।
मंगलवार की सुनवाई भी बनी अहम वजह
चौथी अहम वजह यह बताई गई कि संबंधित मामलों पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। ऐसे में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और खरगे अपनी शिकायतों को लेकर अलग से मुलाकात करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अदालत का रुख कर सकते थे। गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने रविवार को कहा था कि वह 12 अक्टूबर को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ CJI सूर्यकांत से मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे। कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। पार्टी ने इन घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, कांग्रेस के आरोपों और अदालत के रुख को अलग-अलग समझना जरूरी है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है और सबकी नजरें अब संबंधित मामलों की सुनवाई पर टिकी हैं।
