हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत, राजनीति और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। Reuters
नाना पाटेकर को CM योगी ने दी श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं और फिल्मी हस्तियों ने दुख जताया है। सीएम योगी ने अपने शोक संदेश में नाना पाटेकर (Nana Patekar) को बेहतरीन अभिनेता, रंगमंच का सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर (Nana Patekar) का निधन कला जगत के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई मुश्किल है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति और उनके परिवार व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 8, 2026
घर पर अचानक बिगड़ी तबीयत
रिपोर्टों के मुताबिक, नाना पाटेकर (Nana Patekar) गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर थे, जहां तड़के उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया। इसके बाद मेडिकल टीम को बुलाया गया और उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया गया है, जबकि घटना की परिस्थितियों को लेकर मेडिको-लीगल प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
करीब 45 मिनट तक चला CPR
मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों ने नाना पाटेकर (Nana Patekar) को बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक CPR दिया। मेडिकल टीम की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी मौत को लेकर मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि मृत्यु की परिस्थितियों और चिकित्सकीय कारणों की औपचारिक पुष्टि हो सके।
अभिनय की दुनिया में छोड़ी अलग पहचान
नाना पाटेकर (Nana Patekar) का फिल्मी सफर कई दशकों तक चला। हिंदी और मराठी फिल्मों में उन्होंने गंभीर किरदारों से लेकर यादगार मुख्यधारा की भूमिकाओं तक अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। अभिनय के अलावा वह रंगमंच और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसकी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय शैली लंबे समय तक याद की जाएगी।
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