प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। घटना से जुड़ा एक नया CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:10 बजे दीपक सीढ़ियों से ऊपर जाते दिखाई दे रहे हैं। यह फुटेज उस घटना के बाद का बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपने निजी अंग को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया था। वीडियो में वह गुरु कृपा कुंज की सीढ़ियों से होते हुए चौथी मंजिल की ओर बढ़ते नजर आते हैं। करीब 20 मिनट बाद उन्होंने इसी मंजिल की छत से छलांग लगा दी थी। नए CCTV ने पुलिस की जांच में एक और कड़ी जोड़ दी है।
पहले खुद को पहुंचाई चोट, फिर सीढ़ियों से चौथी मंजिल की ओर गए
नए CCTV फुटेज में दीपक लोधी सुबह करीब 10:10 बजे सीढ़ियों की तरफ जाते दिखाई देते हैं। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले उन्होंने खुद को गंभीर चोट पहुंचाई थी। इसके बाद वह गुरु कृपा कुंज की सीढ़ियों से ऊपर की ओर बढ़े और चौथी मंजिल तक पहुंचे। करीब 10:30 बजे उन्होंने वहां से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उन्हें आश्रम के अन्य साधक हाईवे स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस अब CCTV में दिखाई दे रही उनकी गतिविधियों और घटना के बीच के करीब 20 मिनट के समय को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
पहले वाले CCTV में भी दिखा था दूसरा शख्स
इस मामले में इससे पहले करीब 30 सेकंड का एक और CCTV फुटेज सामने आया था। उसमें दीपक कुछ समय के लिए परेशान नजर आते हैं। वह जमीन पर लेटते हैं और फिर उठकर आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। इसी फुटेज में एक दूसरा व्यक्ति भी कैमरे में नजर आया था। हालांकि कैमरे का एंगल ऐसा था कि उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। यही वजह है कि जांच में यह सवाल भी अहम बना हुआ है कि वह व्यक्ति कौन था और उस समय वहां उसकी मौजूदगी किस वजह से थी। पुलिस दोनों फुटेज को मिलाकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का जिक्र
दीपक लोधी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों और निजी अंग में गंभीर क्षति का उल्लेख होने की बात सामने आई है। शरीर के निचले हिस्से में टांके लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर इस पहलू की जांच की जा रही है कि दीपक ने खुद को किस परिस्थिति में नुकसान पहुंचाया। घटना में इस्तेमाल बताए जा रहे ग्राइंडर और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया है। फिलहाल पुलिस ने घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं रखा है।
परिवार ने जताई हत्या की आशंका, जांच में कई सवाल बाकी
दीपक लोधी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले वह वृंदावन आए और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया। परिवार का कहना है कि धार्मिक जीवन अपनाने के बाद उनका संपर्क पहले की तुलना में काफी कम हो गया था। बेटे की मौत के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। दूसरी ओर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। CCTV में नजर आने वाला दूसरा व्यक्ति, निजी अंग में लगी चोट, ग्राइंडर और चौथी मंजिल तक पहुंचने के बीच की पूरी गतिविधियां जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। इन सवालों का स्पष्ट जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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