फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस विमान के सफर के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। हवा में उड़ रहे इस विमान के कॉकपिट के भीतर अचानक जो घटा, वह किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसा महसूस होता है। सह-पायलट और मुख्य पायलट के बीच उपजे गंभीर विवाद ने एक बड़े खतरे को जन्म दे दिया था। इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही विमानन सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं, जिस पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं।
कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, जब विमान हवा में था, तभी कॉकपिट के अंदर सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक हमला बोल दिया। इस गंभीर हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके लिए विमान संभालना बेहद मुश्किल हो गया था। इसके बावजूद, कैप्टन मच्छार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया। विमान में उस समय 170 से अधिक मुसाफिर सवार थे। अपनी सूझबूझ और पेशेवर अनुभव का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने तुरंत विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की तरफ मोड़ा और सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारकर एक बड़ा विमान हादसा टाल दिया।
बीजेपी पर बरसे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद ने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन की बहादुरी को सलाम करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि देश में हर संवेदनशील या बड़ी घटना को राजनीतिक इवेंट में बदलने की एक प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हर बात को राजनीति से जोड़कर पेश करना पूरी तरह गलत है, क्योंकि यह एक मानवीय और सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
‘अल्लाह से दुआ करो कि वह सलामत रहे’
कांग्रेस नेता ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में राजनीति करने की बजाय केवल राहत और दुआ की जरूरत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस बहादुरी से अपनी और सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई है, वह तारीफ के काबिल है। उन्होंने कहा, “वो बेचारा अपनी जान बचाकर सुरक्षित निकला है, बस ईश्वर से दुआ कीजिए कि वह स्वस्थ और खुश रहे।” इस पूरे प्रकरण ने एक तरफ जहां विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।
