फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित हमले को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर (Smit Machar) की बहादुरी की चर्चा अब इजरायल तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनसे फोन पर बात कर उनके साहस की तारीफ की। बातचीत में माछर ने बताया कि विमान के कॉकपिट में आखिर क्या हुआ था और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हालात का सामना कैसे किया।
नेतन्याहू ने फोन कर भारतीय पायलट की बहादुरी को किया सलाम
फ्लाईदुबई की दुबई से इजरायल जा रही उड़ान में कथित कॉकपिट हमले को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर (Smit Machar) की बहादुरी की सराहना की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को उनसे फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मुश्किल हालात में हिम्मत दिखाने और समझदारी से काम लेने के लिए माछर की तारीफ की। नेतन्याहू ने उन्हें केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया का हीरो बताया। इस बातचीत ने विमान में हुई घटना और पायलट के साहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
Prime Minister Benjamin Netanyahu in a conversation with the Indian pilot from the flight from Dubai, Captain Smit Machchhar:
“You are a hero for Israel, India, and the entire world. I invite Prime Minister @NarendraModi and you to light a flame on Israeli Independence Day.”… pic.twitter.com/e9nSJQ6TRj— Prime Minister of Israel (@IsraeliPM) October 3, 2026
बातचीत में माछर ने बताया, कॉकपिट में कैसे हुआ हमला
प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित माछर (Smit Machar) ने विमान के अंदर हुई घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सह-पायलट ने अचानक पीछे से उन पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई और विमान तेजी से नीचे जाने लगा। ऐसे समय में पायलट के सामने खुद को संभालने के साथ विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी चुनौती थी। माछर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी। उनकी इस कोशिश ने घटना के दौरान सामने आई मुश्किल परिस्थितियों की गंभीरता को उजागर किया।
गंभीर चोटों के बावजूद डटे रहे कैप्टन स्मित माछर
विमान के कॉकपिट में अचानक हुए हमले के बाद हालात सामान्य बनाए रखना आसान नहीं था। एक ओर माछर खुद घायल थे, वहीं दूसरी ओर विमान के तेजी से नीचे जाने से खतरा बढ़ गया था। ऐसे हालात में उनकी हिम्मत और सूझबूझ बेहद अहम रही। नेतन्याहू के साथ बातचीत में सामने आई जानकारी से पता चलता है कि उन्होंने मुश्किल घड़ी में भी अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश नहीं छोड़ी। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तकनीकी और जांच संबंधी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले में कैप्टन माछर की भूमिका को लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है।
पीएम मोदी और कैप्टन माछर को इजरायल आने का न्योता
बातचीत के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित माछर (Smit Machar) और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने दोनों को समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। यह सम्मान इजरायल में आमतौर पर विशेष योगदान देने वाले लोगों को दिया जाता है। ऐसे में एक भारतीय पायलट को यह निमंत्रण मिलना खास माना जा रहा है। इस बातचीत से भारत और इजरायल के संबंधों के साथ-साथ संकट के समय साहस दिखाने वाले लोगों के सम्मान का संदेश भी सामने आया है। अब इस घटना से जुड़े वीडियो और बातचीत के विवरण को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है।
