Kanpur News: कानपुर देहात के मुंगीशापुर इलाके में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। विभागीय टीम को सूचना मिली थी कि जूते-चप्पल की दुकान की आड़ में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के इलाज किया जा रहा है। जांच के लिए टीम मौके पर पहुंची तो दुकान के अंदर चिकित्सा गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी।
छापे की खबर फैली तो बंद होने लगे शटर
स्वास्थ्य विभाग की टीम की कार्रवाई की जानकारी आसपास के इलाकों में पहुंचते ही कई अन्य कथित अवैध क्लीनिक और पैथोलॉजी सेंटर संचालकों में भी हड़कंप मच गया। डेरापुर और मुंगीशापुर क्षेत्र में संचालित कई ठिकानों के शटर बंद हो गए। विभाग के मुताबिक, कुछ संचालक मौके से चले गए। इस पूरी कार्रवाई के बाद इलाके में बिना अनुमति चल रही चिकित्सा गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
48 घंटे में दस्तावेज दिखाने का निर्देश
विभागीय टीम ने जांच के दौरान सामने आए अन्य क्लीनिक और अस्पताल संचालकों को भी नोटिस जारी किए हैं। संबंधित लोगों से कहा गया है कि वे 48 घंटे के भीतर अपने वैध दस्तावेज और संचालन से जुड़े कागजात पेश करें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों के पास जरूरी अनुमति या लाइसेंस नहीं होगा, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से ऐसे केंद्र संचालित करने वालों पर दबाव बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने दी कड़ी चेतावनी
डेरापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुनीत पांडेय ने बिना अनुमति चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और लैब बंद किए जाएं। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों के इलाज से जुड़े मामलों में नियमों का पालन जरूरी है।
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