UP News: उत्तर प्रदेश में हाल में हुई तेज बारिश और आंधी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जगह खेतों में खड़ी फसलें तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई हैं। छोटका गांव में हुई किसान सभा की बैठक में इस नुकसान को लेकर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि धान, गन्ना, साग और सब्जियों समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय मौसम की मार से उनकी कई महीनों की मेहनत प्रभावित हो गई है।
धान और गन्ने की फसल को हुआ नुकसान
किसान सभा के संयुक्त सचिव साधुशरण ने बैठक में कहा कि तेज हवा और बारिश से धान की फसल खेतों में गिर गई है। गन्ने की फसल भी कई जगह जमीन पर बिछ गई। इसके अलावा सब्जियों और दूसरी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई। किसानों के सामने अब फसल खराब होने के साथ आर्थिक नुकसान की चिंता भी खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई करना छोटे और मध्यम किसानों के लिए आसान नहीं है।
गांव-गांव सर्वे कराने की मांग
किसान सभा ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सही आकलन कराने की मांग की है। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर गांव-गांव सर्वे कराने की बात कही गई। किसान नेताओं का कहना है कि सर्वे के दौरान खेतों में हुए वास्तविक नुकसान को दर्ज किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों तक सरकारी मदद पहुंच सके। साथ ही फसल बीमा कराने वाले किसानों को नियमों के अनुसार बीमा का लाभ देने की भी मांग उठाई गई।
30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
बैठक में किसान सभा की ओर से प्रभावित किसानों को 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग रखी गई। किसान नेताओं का कहना है कि नुकसान का उचित आकलन होने के बाद जल्द राहत मिलनी चाहिए। बैठक में जयप्रकाश यादव, नथुनी सिंह, पौहारी कुशवाहा, रमाकांत यादव, रमावती देवी और चन्द्रावती देवी समेत कई लोग मौजूद रहे।
