बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BRICS शिखर सम्मेलन को भारत और बिहार दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मेलन की सफलता के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि BRICS के मंच पर भारत को दुनिया के 11 प्रमुख देशों का सहयोग मिला है। उनके मुताबिक, यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और मजबूत कूटनीतिक स्थिति का संकेत है। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सम्मेलन को भारत के लिए आर्थिक, रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम बताया।
आतंकवाद के खिलाफ भारत को मिला समर्थन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री मोदी की नीति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से कार्रवाई कर रहा है और इस दिशा में देश को अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, BRICS सम्मेलन में सदस्य देशों की एकजुटता भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद जैसी चुनौती से निपटने के लिए सभी देशों का सहयोग जरूरी है। सम्राट चौधरी ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आगे भी आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को मजबूती से जारी रखेगा। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
मखाना और सत्तू को वैश्विक मंच मिलने की उम्मीद
सम्राट चौधरी ने BRICS सम्मेलन से बिहार के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को मिली पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मखाना और सत्तू जैसे बिहार के प्रमुख उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और पहचान मिली है। बिहार में बड़े पैमाने पर मखाने का उत्पादन होता है, जबकि सत्तू राज्य की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को इन उत्पादों को वैश्विक मंच से जोड़ने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से बिहार के किसानों, छोटे कारोबारियों और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं। इससे राज्य के पारंपरिक उत्पादों की मांग बढ़ने और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना भी बन सकती है।
स्थानीय उत्पादों के कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा
मुख्यमंत्री के बयान में BRICS सम्मेलन को बिहार की स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर खास जोर दिया गया। मखाना और सत्तू को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलने से इनके उत्पादन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यदि इन उत्पादों की मांग देश-विदेश में बढ़ती है, तो इसका लाभ सीधे किसानों, स्वयं सहायता समूहों, छोटे व्यापारियों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लोगों को मिल सकता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हो रही है और इसका लाभ राज्यों को भी मिल रहा है। बिहार सरकार के लिए यह अवसर स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और राज्य की पारंपरिक खाद्य विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
