BSP News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद विरोध के सुर तेज होते दिखाई दे रहे हैं। मऊ में मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट से 2022 में बसपा के प्रत्याशी रहे धर्म सिंह गौतम ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने फैसले के पीछे आकाश आनंद को पार्टी से निकाले जाने को लेकर नाराजगी जताई है। उनके इस्तीफे के बाद मऊ की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है।
आकाश आनंद के फैसले से आहत हुए धर्म सिंह गौतम
धर्म सिंह गौतम ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) छोड़ने की जानकारी देते हुए नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि आकाश आनंद को पहले पार्टी में जिम्मेदारी दी जाती है और फिर बाहर कर दिया जाता है। बाद में उन्हें वापस भी लिया गया। गौतम के मुताबिक इस तरह के घटनाक्रम से पार्टी कार्यकर्ताओं और खासकर युवाओं के बीच असमंजस की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद युवा नेता हैं और उन्होंने बसपा की विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
बार-बार पार्टी में वापसी और निष्कासन पर उठाए सवाल
धर्म सिंह गौतम के अनुसार आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में पहले भी बहुजन समाज पार्टी (BSP) से बाहर किए जाने और फिर वापस लिए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनका मानना है कि इस तरह के फैसलों से कार्यकर्ताओं का भरोसा प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम से वह काफी आहत हुए और इसी वजह से उन्होंने बसपा से अलग होने का फैसला किया। उनके इस्तीफे ने पार्टी के अंदर चल रही राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
ससुर के इस्तीफे के बाद अगले ही दिन सामने आया फैसला
गौतम ने हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया था कि अगर उनके ससुर राजनीति और बहुजन समाज पार्टी (BSP) से इस्तीफा देते हैं, तो उन्हें अपनी राह चुनने की आजादी होगी। इसके बाद उनके ससुर ने सक्रिय राजनीति से हटने और पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया। इसके अगले दिन आकाश आनंद को बसपा से बाहर किए जाने की जानकारी सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर धर्म सिंह गौतम ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
युवाओं में गलत संदेश जाने का जताया डर
धर्म सिंह गौतम ने कहा कि युवा वर्ग आकाश आनंद को एक युवा चेहरे और आदर्श के तौर पर देख रहा था। ऐसे में उनके साथ बार-बार होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम युवाओं के बीच गलत संदेश दे सकते हैं। उन्होंने इसी वजह से बसपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया। उनके इस्तीफे के बाद अब मऊ में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में क्या दूसरे स्थानीय नेता या कार्यकर्ता भी इस फैसले के विरोध में सामने आते हैं।
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