उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश लगातार चर्चा में है। मंदिर का भवन हटाया जा चुका है, लेकिन प्रतिमा को स्थानांतरित करने में प्रशासन को अब तक सफलता नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि नगर निगम और जिला प्रशासन ने क्रेन, जेसीबी समेत कई मशीनों की मदद से प्रतिमा को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिली। चौथे दिन भी कोशिश जारी रहने के बीच प्रतिमा को बारिश और मौसम से बचाने के लिए उसके ऊपर कैनोपी लगाई गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती जा रही है।
पुजारी बोले- अब फैसला बजरंगबली की इच्छा से होगा
मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने प्रतिमा को लेकर कहा कि शुरुआत में वह स्थान परिवर्तन के लिए तैयार थे, लेकिन अब परिस्थितियां अलग हैं। उनका कहना है कि पहले यह मामला उनके स्तर पर था, लेकिन अब उनके हाथ में भी कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए अब केवल हनुमान जी की इच्छा से ही आगे का फैसला होगा। पुजारी ने मंदिर से जुड़ी मान्यताओं का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, खड़े हनुमान को कई लोग ‘डॉक्टर हनुमान’ के नाम से जानते हैं और मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना और प्रसाद से बच्चों की परेशानियां दूर होती हैं। मशीनों से प्रतिमा नहीं हटने की खबर के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।
बिना सूचना कार्रवाई शुरू करने का आरोप
पुजारी महेश बैरागी ने प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मंदिर को स्थानांतरित करने से पहले कुछ शर्तों पर सहमति बनी थी। इनमें नई जगह से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना भी शामिल था, लेकिन उनके मुताबिक सभी कागज अभी तक नहीं दिए गए हैं। पुजारी ने यह भी कहा कि उनकी मांग थी कि प्रतिमा को हटाने से पहले उन्हें लिखित सूचना दी जाए। उनके आरोप के अनुसार, प्रशासनिक टीम अचानक मौके पर पहुंची और शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया। इसके बाद मामला विवादित हो गया और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। पुजारी का कहना है कि मंदिर को तभी हटाया जाना चाहिए जब यह बेहद जरूरी हो और सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच हो रहा काम
दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को देखते हुए कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण और दूसरे विकास कार्य किए जा रहे हैं। कंठाल चौराहे से छत्री चौक के बीच भी सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसी योजना के तहत सती गेट के पास स्थित ऐतिहासिक खड़े हनुमान मंदिर को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई। मंदिर भवन हटाने के बाद अब प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि लगातार कई दिनों की कोशिश के बावजूद प्रतिमा को हटाया नहीं जा सका है। प्रशासन के प्रयास और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच यह मामला अब उज्जैन में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
