Nepal Floods: नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है कि हर दिन नई दर्दनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। नुवाकोट जिले के बेत्रावती गांव में बाढ़ के मलबे में दबे एक घर से 23 शव बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार 21 शव घर के एक कमरे से मिले, जबकि दो शव बाहर बरामद हुए। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि ये लोग तीर्थयात्रा पर निकले थे और गोसाईंकुंड की ओर जा रहे थे। पुलिस को घर से कुछ बैग भी मिले हैं। माना जा रहा है कि बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के बाद लोगों ने बचने के लिए घर की ऊपरी मंजिल का सहारा लिया होगा, लेकिन अचानक आए मलबे और तेज बहाव ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। बरामद शवों में एक महिला का शव भी है, जिसने एक छोटी बच्ची को अपनी बाहों में पकड़ा हुआ था। आशंका है कि दोनों मां-बेटी हो सकती हैं।
962 से ज्यादा मौतें, चार हजार से अधिक लोग अब भी गायब
नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश के कारण हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आपदा में 962 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 हजार से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। यहां बाढ़ और मलबे ने कई घरों और रास्तों को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर रसुवा जिले के उत्तरगया गांव से करीब 350 छात्रों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इन छात्रों का पता लगाने के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। खराब मौसम, मलबा और कई जगहों पर रास्ते बंद होने के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हर गुजरते घंटे के साथ लापता लोगों के परिवारों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे दर्जनों कर्मचारियों का पता नहीं
नेपाल की कई जलविद्युत परियोजनाएं भी इस आपदा की चपेट में आई हैं। त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना में लगातार छठे दिन बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका। यहां काम करने वाले करीब 40 से 42 इंजीनियरों के बारे में अब तक जानकारी नहीं मिल सकी है। इसी तरह त्रिशूली-3बी परियोजना में काम करने वाले करीब 118 कर्मचारियों से संपर्क नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में इन परियोजनाओं के आसपास भी बड़े स्तर पर तलाशी अभियान की जरूरत बनी हुई है। बाढ़ के साथ आए मलबे और पानी ने कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल कर दिया है। राहत एजेंसियां पहले सुरक्षित रास्ते बनाने और उसके बाद प्रभावित स्थानों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
भारतीय बचाव दल भी जुटा, सुरंगों में तलाश जारी
नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियान में भारतीय दल भी नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है। रसुवा जिले के चिलिमे और लांगटांग इलाके की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश के लिए विशेष बचाव दल लगाए गए हैं। कठिन मौसम और सुरंगों के अंदर जमा मलबे के बावजूद बचावकर्मी लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ अभियानों में शुरुआती सफलता भी मिली है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों तक पहुंचना है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। एक घर से 23 शव मिलने की घटना ने आपदा की भयावहता को और सामने ला दिया है। अब नेपाल और भारत की रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के अभियान में जुटी हैं।
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