नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब उत्तर प्रदेश तक दिखाई दे रहा है। कुशीनगर में गंडक नदी से रविवार को चार और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही पिछले चार दिनों में नदी से मिलने वाले शवों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार को मिले शवों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है। अधिकारियों को आशंका है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव के साथ नदी में बहकर उत्तर प्रदेश पहुंचे हो सकते हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि शवों की पहचान और जांच के बाद ही हो सकेगी।
नदी की निगरानी के दौरान दिखे चार शव
रविवार को SDRF की टीम छितौनी बांध के भेड़ियारी ठोकर नंबर-3 के पास गंडक नदी की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान जवानों की नजर पानी में पड़े चार शवों पर गई। टीम ने तुरंत नदी में उतरकर सभी शवों को बाहर निकाला। इनमें दो पुरुष और दो महिलाएं बताई जा रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। बरामद शवों को कब्जे में लेकर जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने नेपाल के सीमावर्ती जिले के संबंधित अधिकारियों को भी शव मिलने की सूचना दे दी है, ताकि अगर वहां किसी व्यक्ति के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हो तो पहचान में मदद मिल सके।
चार दिन में 13 शव, किसी की पहचान नहीं
खड्डा थाने के पुलिस अधिकारी संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, रविवार को मिले चारों शवों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोर्चरी भेज दिया गया। कुशीनगर की मोर्चरी में जगह कम होने के कारण कुछ शवों को गोरखपुर भेजना पड़ा है। पुलिस अब शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। पिछले एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र से तीन शव बरामद हुए थे। इस तरह चार दिनों के भीतर गंडक नदी से कुल 13 शव मिल चुके हैं। लगातार शव मिलने से इलाके में चिंता बढ़ गई है। पुलिस और SDRF की टीमें नदी के आसपास लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी शव नेपाल से ही बहकर आए हैं। पहचान और जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। तेज बहाव के साथ बर्फ, चट्टान और भारी मलबा नीचे की ओर आया, जिससे कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। कई गांव प्रभावित हुए और सड़क, पुल समेत दूसरी जरूरी सुविधाएं भी क्षतिग्रस्त हुईं। बाढ़ का पानी भोटेकोशी नदी के रास्ते आगे बढ़ा और उत्तरी तथा मध्य नेपाल के कई क्षेत्रों में तबाही मच गई। रविवार तक नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 788 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी, जबकि 2,500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में कुशीनगर में गंडक से लगातार शव मिलने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
275 से ज्यादा भारतीय भी संपर्क से बाहर
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय नागरिकों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा भारतीय मूल के 128 अन्य लोगों के भी संपर्क से बाहर होने की जानकारी दी गई है। सरकार की ओर से रविवार को 149 लोगों के सुरक्षित बचाए जाने की सूची भी जारी की गई। वहीं, कुशीनगर में बरामद शवों की पहचान के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रयास जारी हैं। अगर पहचान के बाद इन शवों का संबंध नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से सामने आता है, तो यह आपदा के असर की गंभीरता को और स्पष्ट करेगा। फिलहाल गंडक नदी में निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
