UP Tablet Scheme 2026: उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना चला रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा, तकनीकी पढ़ाई और कौशल विकास से जुड़े छात्रों को डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें ऑनलाइन कोर्स, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार से जुड़ी जानकारी हासिल करने में आसानी हो। योजना के तहत ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्र, तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्स के विद्यार्थी, डिप्लोमा और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े छात्र भी लाभ के दायरे में आ सकते हैं। इसमें BA, BSc, BCom, MA, MSc, BTech, MTech, BCA, MCA, BBA, MBA, ITI और पॉलिटेक्निक जैसे कोर्स शामिल बताए गए हैं। मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी भी पात्रता के अनुसार योजना का लाभ पा सकते हैं।
कौन छात्र फ्री टैबलेट के लिए पात्र हो सकता है?
मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन पाने के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। इसके साथ छात्र का यूपी के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान में दाखिला होना चाहिए। योजना का लाभ पात्रता और संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए छात्र डेटा के आधार पर दिया जाता है। परिवार की वार्षिक आय से जुड़ी शर्तें भी लागू हो सकती हैं, इसलिए छात्रों को अपने संस्थान से मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। जरूरी दस्तावेजों की बात करें तो आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण पत्र, चालू शैक्षणिक सत्र की नामांकन रसीद या आईडी कार्ड, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसे दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। हालांकि, केवल दस्तावेज होना ही टैबलेट मिलने की गारंटी नहीं है। छात्र का डेटा संस्थान की ओर से योजना के पोर्टल पर भेजा और सत्यापित किया जाता है।
फ्री टैबलेट के लिए अलग से आवेदन करना है या नहीं?
इस योजना की एक खास बात यह है कि छात्रों को आमतौर पर अलग से ऑनलाइन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती। जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में छात्र पढ़ाई कर रहा है, वही संस्थान पात्र विद्यार्थियों का नामांकन और अन्य जरूरी जानकारी DG शक्ति पोर्टल पर अपलोड करता है। इसके बाद विश्वविद्यालय और संबंधित प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए डेटा का सत्यापन किया जाता है। डेटा सत्यापन के बाद पात्र छात्रों की सूची तैयार की जाती है। अगर किसी छात्र का नाम सूची में शामिल होता है तो संस्थान की ओर से उसे SMS, सूचना या नोटिस बोर्ड के जरिए जानकारी दी जा सकती है। इसलिए छात्रों को अपने कॉलेज में अपना नामांकन, मोबाइल नंबर और अन्य विवरण सही दर्ज होने की जांच करते रहना चाहिए। किसी तरह की जानकारी गलत होने पर समय रहते संस्थान से संपर्क करना जरूरी है।
कब मिल सकता है मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन?
योजना के तहत टैबलेट या स्मार्टफोन का वितरण डेटा सत्यापन और सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आमतौर पर कोर्स के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ मिल सकता है। इनमें ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और ITI जैसे पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। वितरण की तारीख संस्थान और सरकार की प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आम तौर पर सत्यापन पूरा होने के बाद कॉलेज परिसर में ही वितरण किया जाता है। छात्रों को किसी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर पैसे देकर योजना में नाम जुड़वाने से बचना चाहिए। योजना से संबंधित जानकारी के लिए अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी या DG शक्ति पोर्टल की जानकारी जरूर जांचें। DG शक्ति पोर्टल
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