LPG Gas Cylinder Rate Today: बुधवार, 26 अगस्त 2026 को देश की सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आम जनता को एक बार फिर मायूस किया है। घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज कोई भी कटौती नहीं की गई है, जिससे कीमतें जस की तस बनी हुई हैं। हालांकि लोग लंबे समय से रसोई गैस के दामों में राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इस बार भी दामों में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। आखिरी बार जून के महीने में इसमें 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से दिल्ली में घरेलू गैस का दाम 942 रुपये पर स्थिर चल रहा है।
कमर्शियल सिलेंडर पर मिली बड़ी राहत
एक तरफ जहां आम आदमी के घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर हैं, वहीं इस महीने की शुरुआत में कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर आई थी। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग 194 से 200 रुपये तक की भारी कटौती की थी। वर्तमान में प्रमुख शहरों की बात करें तो दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, चेन्नई में 957.50 रुपये और पटना में 1,031.50 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से बिक रहा है।
मिडिल ईस्ट के तनाव का असर, अमेरिका से गैस मंगा रहा भारत
रसोई गैस बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य टकराव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट रूट पर बड़ा असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी मिडिल ईस्ट से मंगाता था, लेकिन इस तनाव और सप्लाई बाधित होने के डर से भारत ने अब अपनी रणनीति बदल ली है। वर्तमान में भारत अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिकी स्पॉट मार्केट का रुख कर रहा है और वहां से भारी मात्रा में गैस का आयात किया जा रहा है।
खाड़ी देशों से आयात घटा, अमेरिकी गैस पर बढ़ी निर्भरता
मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जुलाई में अमेरिका से 0.89 मिलियन टन और अगस्त में करीब 0.62 मिलियन टन एलपीजी का आयात किया है। अगस्त महीने में कुल एलपीजी आयात में अकेले अमेरिका की हिस्सेदारी 73 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके उलट, भारत को लंबे समय तक सबसे ज्यादा गैस सप्लाई करने वाले खाड़ी देशों का आयात काफी घट गया है। अगस्त में यूएई से आयात मात्र 1.40 लाख टन और कतर से सिर्फ 60,000 टन रह गया है, जबकि जुलाई और अगस्त में सऊदी अरब से आयात पूरी तरह शून्य रहा है।
