आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव एक बंद कमरे से बरामद किए गए हैं। यह दिल दहला देने वाली घटना मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर के पास स्थित वड्डे सतरम (बडेरा चौल्ट्री) की है, जहां मंगलवार को एक लॉज के कमरे से अचानक तेज बदबू आने पर इस भयानक राज से पर्दा उठा। शुरुआती तौर पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन इसे गंभीर आर्थिक तंगी और भारी मानसिक तनाव के चलते किया गया सामूहिक आत्महत्या का मामला मान रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैल गई है, और हर कोई इस ट्रेजडी को सुनकर स्तब्ध है।
तीर्थ स्थल पर आकर लॉज में रुके थे पांचों सदस्य
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृत पाए गए सभी पांच लोग आंध्र प्रदेश के ही बाथलापल्ली गांव के रहने वाले थे। इस परिवार में गोगुला आदिलक्ष्मी (50), मलेश्वरी (45), पी. सुधाकर (36), श्रीदेवी (33) और 15 साल का मणिकंटा शामिल थे। यह पूरा परिवार बीते 20 अगस्त को एक ऑटो रिक्शा के जरिए इस प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर पहुंचा था और यहां पहुंचकर उन्होंने लॉज में कमरा नंबर 11 किराए पर लिया था। वे पिछले कई दिनों से लगातार उसी कमरे के अंदर रह रहे थे और बाहर बहुत कम ही निकल रहे थे। मामला तब गंभीर हुआ जब कमरे के भीतर से अजीब और तेज बदबू आने लगी, जिसके बाद लॉज के कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस, मिले खौफनाक दृश्य
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बिना देर किए बंद कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा बेहद डरावना और दिल दहला देने वाला था। पुलिस जांच में सामने आया कि बाथरूम के अंदर तीन महिलाओं के शव पड़े हुए थे, जबकि दो अन्य लोग कमरे के छत के पंखे से लटके हुए पाए गए। आत्मकुर के डीएसपी रामंजनेयुलु ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। परिवार में इकलौते कमाने वाले सुधाकर ऑटो रिक्शा चलाकर पूरे घर का गुजर-बसर करते थे, लेकिन आय का जरिया सीमित होने और लगातार बढ़ते खर्चों के कारण वे भारी तंगी के दौर से गुजर रहे थे, जिसने उन्हें इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया।
गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहा था पूरा परिवार
समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से यह भी सामने आया है कि यह परिवार केवल आर्थिक तंगी ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर समस्याओं से भी जूझ रहा था। परिवार के सभी पांच सदस्य, जिनमें सुधाकर, उनकी दो बड़ी बहनें, एक छोटा भाई और उनका भतीजा शामिल थे, लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से भी पीड़ित थे। बीमारी के इलाज के लिए पैसों की कमी और जीवन की लगातार मुश्किलों ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। फिलहाल, पुलिस ने इस सिलसिले में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों और परिस्थितियों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।
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