UP के परिवहन विभाग में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत और खुशी की खबर सामने आई है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने परिवहन निगम में अपनी सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों के मानदेय में 5 प्रतिशत की वृद्धि करने का बड़ा निर्णय लिया है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी जुलाई माह से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार का यह कदम लंबे समय से वेतन वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। इस फैसले के बाद प्रदेश के परिवहन निगम में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, क्योंकि प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों का आर्थिक संबल मजबूत होने से उनकी कार्यक्षमता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
नियम के तहत मिली बढ़ोत्तरी, साल में दो बार होता है वेतन पुनरीक्षण
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया है कि वेतन में हुई यह वृद्धि किसी अचानक लिए गए फैसले का हिस्सा नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित प्रक्रिया का परिणाम है। परिवहन निगम की नीति के अनुसार, आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कार्मिकों के मानदेय में प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की कुल वृद्धि का प्रावधान पहले से ही लागू है। इस प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है—पहली 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी जनवरी में और दूसरी 5 प्रतिशत की वृद्धि जुलाई माह में की जाती है। इसी निर्धारित व्यवस्था का पालन करते हुए सरकार ने जुलाई माह से बढ़ा हुआ मानदेय प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह स्पष्ट करता है कि सरकार अपने कर्मचारियों की जरूरतों के प्रति न केवल संवेदनशील है, बल्कि समय पर वित्तीय लाभ पहुँचाने के लिए एक पारदर्शी तंत्र को भी बढ़ावा दे रही है।
इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस वेतन वृद्धि से परिवहन निगम में काम कर रहे अलग-अलग तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर तैनात कर्मचारियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत 249 कर्मचारियों का मानदेय अब लगभग 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, वित्तीय कार्यों को सुचारु रूप से संभालने वाले 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों के वेतन में भी वरिष्ठता के आधार पर वृद्धि की गई है, जिससे उनका वेतन अब 20,000 रुपये से लेकर 26,000 रुपये के दायरे में आ गया है। इसके अलावा, प्रोग्रामिंग और तकनीकी आधार को मजबूती देने वाले 26 प्रोग्रामर के मानदेय में भी उत्साहजनक इजाफा हुआ है, जो अब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक हो गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि सरकार तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत कर्मियों को विशेष प्राथमिकता दे रही है।
सेवाओं के आधुनिकीकरण में आउटसोर्स कर्मियों की अहम भूमिका
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुगम और आधुनिक बनाने में आउटसोर्स कर्मचारियों का योगदान किसी से छिपा नहीं है। बसों के संचालन से लेकर ऑनलाइन टिकट बुकिंग और डेटा प्रबंधन तक, ये कर्मचारी विभाग की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं। परिवहन मंत्री का मानना है कि यदि कार्यबल आर्थिक रूप से संतुष्ट और प्रोत्साहित होगा, तो उसका सीधा असर परिवहन निगम की सेवाओं पर भी दिखेगा। सरकार का यह प्रयास न केवल एक कल्याणकारी कदम है, बल्कि यह एक कार्य-संस्कृति विकसित करने की पहल भी है जहाँ कर्मठता को सम्मान और उचित प्रतिफल मिलता है। आने वाले समय में विभाग इस तरह के और भी कदम उठा सकता है, ताकि सरकारी कामकाज के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया और अधिक तेज हो सके।
