पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच भारत और इजरायल के रिश्तों को लेकर एक अहम बातचीत सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इजरायल के बीच चल रही विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने बताया कि बातचीत में दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को लेकर हुई प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश मिलकर आगे भी इस साझेदारी को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
Benjamin Netanyahu ने PM मोदी को कहा- धन्यवाद
पीएम मोदी की ओर से बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए जाने के बाद बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने भी उनकी पोस्ट को री-पोस्ट किया। इजरायली प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को अपना दोस्त बताते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच रिश्तों को और मजबूत करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करते रहेंगे। नेतन्याहू का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
תודה ידידי, ראש ממשלת הודו נרנדרה מודי.
ביחד אנחנו ממשיכים לחזק את הקשר בין ישראל להודו.
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) August 7, 2026
पश्चिम एशिया के हालात पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल में हुए घटनाक्रमों पर भी विचार किया। क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए वहां की स्थिति भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पश्चिम एशिया का भारत के व्यापार, ऊर्जा जरूरतों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से सीधा संबंध है। बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल साझेदारी के अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि आने वाले समय में वे एक-दूसरे के संपर्क में बने रहेंगे। इस बातचीत से यह संकेत भी मिलता है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत और इजरायल अपने आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।
होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान में समझौते की तैयारी
इसी बीच पश्चिम एशिया से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। ईरान ने गुरुवार को बताया कि वह ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक समझौते का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाल सकता है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ा था। ऐसे माहौल में ईरान और ओमान के बीच संभावित समझौते को भी क्षेत्रीय स्थिरता के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, भारत की नजर भी पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर बनी हुई है।
