डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को लेकर मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर कथित विवादित बयान देने के मामले में पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अपनी जांच और पूछताछ पूरी कर सकती है, लेकिन पूछताछ खत्म होने के बाद उदयनिधि स्टालिन को छोड़ दिया जाए। अदालत ने यह भी साफ किया कि फिलहाल उन्हें रिमांड पर भेजने की जरूरत नहीं है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर है।
सरकार ने कोर्ट में क्या कहा?
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस का मकसद उदयनिधि स्टालिन को जेल भेजना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला एक महिला के सम्मान से जुड़ा है, इसलिए कानून के अनुसार उनसे पूछताछ की जा रही है। सरकारी वकील ने यह भी कहा कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजने की तैयारी नहीं कर रही है। केवल मामले की सच्चाई जानने और जांच पूरी करने के लिए उनसे सवाल किए जा रहे हैं। सरकार की यह बात सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया।
आखिर पूरा मामला क्या है?
यह मामला तंजावुर में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि उदयनिधि स्टालिन ने उस कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद इस बयान की कई लोगों ने आलोचना की और शिकायत भी दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद उनके खिलाफ छह धाराओं में केस दर्ज किया। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि घटना तंजावुर में हुई थी, इसलिए जांच के लिए उन्हें वहीं ले जाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक होगी।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस पूछताछ पूरी करेगी और उसके बाद उदयनिधि स्टालिन को छोड़ दिया जाएगा। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस जांच जारी रखेगी और अगर जांच में नए सबूत मिलते हैं तो कानून के अनुसार आगे फैसला लिया जाएगा। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आने वाले कानूनी कदमों पर बनी हुई है।
