हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी की मेडिकल रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) की मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट सामने आई। इस रिपोर्ट में इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई है कि युवक के सिर, चेहरे, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में वास्तव में धातु के कई बाहरी कण फंसे हुए थे, जिन्हें डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी के जरिए बाहर निकाला है।
लेडी हार्डिंग अस्पताल की रिपोर्ट का खुलासा
अस्पताल के ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी विभाग द्वारा 24 जुलाई को जारी की गई एमएलसी रिपोर्ट के मुताबिक, शेख इरशाद मंसूरी की यह सर्जरी 21 जुलाई 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत की गई थी। रिपोर्ट के डायग्नोसिस सेक्शन में साफ तौर पर दर्ज है कि मरीज के सिर और गर्दन के कई संवेदनशील हिस्सों में छोटे-छोटे धातु के कण धंसे हुए थे। डॉक्टरों की टीम ने बेहद सावधानी बरतते हुए इन सभी कणों को बाहर निकाला, ताकि मरीज को किसी तरह की स्थायी शारीरिक क्षति न पहुंचे और उसकी जान सुरक्षित रह सके।
शरीर के इन हिस्सों से निकाले गए नुकीले कण
ऑपरेशन थिएटर (OT) के विस्तृत नोट्स के अनुसार, मरीज के दाएं मैक्सिलरी एंट्रम यानी चेहरे की हड्डी के भीतर, दाईं ओर के निचले होंठ की अंदरूनी परत, दाएं कंधे, दाईं गर्दन और बाएं माथे से करीब 2 मिलीमीटर आकार के धातु के कण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, ऑप्थैल्मोलॉजी विभाग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बाईं आंख के ऑर्बिटल हिस्से और निचली पलक के पास भी एक विदेशी कण मिला था, जो लगभग 8 से 10 मिलीमीटर की गहराई में महसूस हुआ था। डॉक्टरों ने छोटा सा चीरा लगाकर लगभग 3 गुणा 3 मिलीमीटर आकार का यह चमकदार और नुकीला धातु का कण भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
पीड़ित का दावा और अस्पताल की आगे की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्जरी के बाद पीड़ित शेख इरशाद मंसूरी ने दावा किया है कि उनके शरीर से कुल सात पेलेट जैसे धातु के कण निकाले जा चुके हैं। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि उनके चेहरे के आसपास अभी भी कुछ ऐसे कण मौजूद हैं, जिन्हें डॉक्टरों ने फिलहाल न निकालने की सलाह दी है क्योंकि दोबारा सर्जरी करने से शरीर के ऊतकों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने सर्जरी के दौरान निकाले गए इन सभी धातु के कणों को अपने पास सुरक्षित रख लिया है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन्हें जांच के लिए किसी फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है या नहीं।
