प्रियंका गांधी ने भी सोशल मीडिया रणनीति पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के बयान से पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया कंटेंट पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि केवल नए अंदाज में वीडियो बनाने से युवाओं का भरोसा नहीं जीता जा सकता। उनका कहना था कि देश के युवाओं की अपेक्षाएं रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़ी हैं, इसलिए केवल डिजिटल कंटेंट के बजाय उन मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, जबकि सरकार की ओर से इस तरह की टिप्पणियों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पेपर लीक कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर भी उठाए सवाल
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने हाल ही में पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए कानून पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि केवल नए कानून बनाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, जब तक उनका सही तरीके से पालन नहीं कराया जाएगा। उनके अनुसार, देश में पहले से कई कानून मौजूद हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उनका प्रभावी क्रियान्वयन है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मामलों की सुनवाई समय पर नहीं होगी या कानूनी प्रक्रिया में देरी होगी, तो नए कानूनों का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने कानून के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई।
बयानों से गरमाई राजनीतिक बहस, प्रतिक्रियाओं पर टिकी नजर
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सोशल मीडिया, युवाओं के मुद्दों और सरकारी नीतियों को लेकर बहस तेज होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आने वाले समय में भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। फिलहाल इस मामले में सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
